छह महीने में दूसरी बार मिला झटका
छह महीने में दूसरी बार मिला झटका
कांग्रेस के एक नेता बीस दिन तक दिल्ली में डेरा डालकर लौट आए हैं। टिकट मिलने से मायूस है। दरअसल, छह महीने के भीतर दूसरा झटका लगा है। पहले लोकसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक थे, मगर एक विधायक बाजी मार गए। उस वक्त नेताजी को बड़ा ओहदा भी ऑफर हुआ था। चुनाव की चाहत में ओहदा नहीं लिया। खैर, किसी तरह संभले और अपनी पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी का पूरा साथ भी दिया। अब विधानसभा चुनाव लड़ने की ख्वाहिश में दिल्ली में जुगत लगा रहे थे। फिर निराशा हाथ लगी। बाजी फिर उनके हाथ लगी, जो लोकसभा चुनाव में मार गए थे। अब नेताजी का उदास होना लाजिमी है। पिछले दस सालों में हिसार और आसपास जितने भी बड़े विवाद उभरे, उनमें नेताजी ने संकटमोचन का काम किया। अब मेहनताना का वक्त था, नहीं मिला।