रामपाल को नहीं मिला जमानती
सरकारीड्यूटी में बाधा डालने अौर लोगों को बंधक बनाने के मामले में भी रामपाल के वकील ने रामपाल की जमानत की अर्जी लगाई। अदालत ने वकीलों का पक्ष सुनने के बाद इस मुकदमे में 20 हजार के बेल बांड पर रामपाल की जमानत मंजूर कर ली। लेकिन किसी ने आरोपी की जमानत का बेल बांड नहीं भरा। इस कारण इस मामले में भी जेल भेज दिया गया।
रामपाल के खिलाफ देशद्रोह, हत्या सहित करीब आधा दर्जन केस हैं। कभी कोर्ट परिसर में अपने हजारों समर्थकों के साथ पेश होने वाला सतलोक आश्रम का प्रमुख रामपाल सोमवार को कोर्ट रूम में उखड़ा हुआ नजर आया। रामपाल के खिलाफ एफआईआर नंबर 427 में भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और 342, 147 149 के मामले में अदालत ने जमानत मंजूर कर ली थी, मगर 20 हजार रुपए का बेल बांड भरना था। करोड़ों की संपत्ति के मालिक रामपाल के लिए बतौर जमानत किसी की जेब से 20 हजार रुपए भी नहीं निकले।
मीडिया पर लाठीचार्ज की जांच करेंगे एडीसी
बरवालामें ऑपरेशन अरेस्ट की कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों पर लाठीचार्ज के मामले की जांच एडीसी राज नारायण कौशिक करेंगे। डीसी डाॅ. चंद्र शेखर खरे ने एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है। लाठीचार्ज में 28 मीडिया कर्मचारी घायल हो गए थे।
{रामपाल के अधिकतर सहयोगी और समर्थक फिलहाल जेल में बंद हैं।
{हिसार बार एसोसिएशन के वकीलों ने रामपाल की पैरवी करने का विरोध कर रखा है।
{रामपाल का एक बेटा और दामाद पुलिस की नजरों में फरार हैं।
{पिछले 18 दिन की रिमांड अवधि में थाना सिविल लाइन की हवालात में रामपाल से मिलने उनका कोई सहयोगी और परिवार का सदस्य नहीं आया।
{कोई भी गिरफ्तारी के डर से आगे आना नहीं चाहता।
रामपाल को हिसार की कोर्ट में पेशी के लिए ले जाते पुलिसकर्मी।
पुलिस ने 7 दिन के रिमांड के बाद रामपाल को न्यायिक दंडाधिकारी प्रतीक जैन की अदालत में पेश किया। जहां से हत्या के मामले में फिर से 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। इससे पहले अदालत ने उन्हें देशद्रोह और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जेल भेजने के आदेश दिए थे। रामपाल के निजी कमांडो और पुलिस बल के बीच हुई झड़प के दौरान 6 अनुयायियों की हत्या के मामले में पूछताछ के लिए 3 दिन का रिमांड मांगा था। रामपाल के वकील अभिषेक चौधरी ने कहा कि रिमांड की कोई आवश्यकता नहीं है। पुलिस सभी तरह की जानकारी ले चुकी है। पुलिस ने हत