सीएमसी के प्रोजेक्टों पर बजट का रोड़ा
काउंटरमैग्नेट सिटी (सीएमसी) को विकास के पर लगने से पहले ही कतर दिए जाते हैं। योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए विभागों ने भी बजट मांगा। विकास की रफ्तार में हर बार बजट का रोड अटका। चूंकि सीएमए के लिए हजारों करोड़ रुपये के बजट की मांग की गई, लेकिन मिले करीब 526 करोड़ रुपये। इस बजट में से 500 करोड़ अकेले खेदड़ में लगे पॉवर प्लांट पर खर्च हो गए।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड की टीम हिसार में आने से विकास के नए रास्ते खुलने के आसार बन गए हैं। विभागों ने करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट तैयार किए। अब केंद्र सरकार की मेहरबानी ही हिसार के विकास की राह तय करेगी।
प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो अकेले खेदड़ में राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट के लिए चार हजार करोड़ रुपये मांगे गए। ऐसे ही पेयजल आपूर्ति सीवर व्यवस्था के लिए सीएमसी के लिए 40 करोड़ रुपये की योजना तैयार हुई। विभाग के हाथ आए करीब 11.95 करोड़ रुपये। विद्युत निगम ने करोड़ों का मसौदा बनाया, लेकिन मिले महज 16.5 करोड़ रुपये। अब नगर निगम ने करीब 82 करोड़ रुपये के सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट की तैयारी में जुटा है। पीडब्लूडी बीएंड आर ने ओवरब्रिज, टू लेन को फोरलेन आदि के लिए भी करोड़ों के प्रोजेक्ट तैयार किए। जिनका एस्टीमेट ही 300 करोड़ के करीब बैठता है। हालांकि कितने प्रोजेक्ट पास होंगे, बजट कितना मिलेगा यह तो भविष्य के गर्त में हैं।
सीएमसी के विकास के लिए विभागीय अफसर ठोस योजनाएं तैयार करने का काम करें। जिससे योजनाओं के सफल होने और उम्मीद के मुताबिक बजट मिलने की संभावनाएं प्रबल रहें।
प्रो.संपतसिंह, पूर्ववित्त मंत्री
हमने अपने प्रस्ताव तैयार किए हैं, जोकि टीम के समक्ष रखेंगे। योजनाएं तैयार हैं। इस मसौदों को हरी झंडी झंडी मिले और उम्मीद के मुताबिक बजट तो शहर का कायाकल्प हो जाए। हालांकि यह लंबी प्रक्रिया है। आरपीगर्ग, एसई,जनस्वास्थ्य विभाग
एनसीआर की टीम के हिसाब से हमने कई प्रोजेक्ट तैयार कराए। हर क्षेत्र और प्रत्येक समस्या को निस्तारित करने की योजना है।
डाॅ.कमल गुप्ता, शहरविधायक
जनस्वास्थ्य विभाग ने ही करीब 70 करोड़ से अधिक की प्लानिंग तैयार की है। विभागीय सूत्रों की मानें तो शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए 100 किमी लंबी पाइप लाइन बिछानी है। इसके लिए विभाग को 50 करोड़ रुपये खर्च करने हैं। वहीं, विभाग ने जो