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गोभक्तों का बवाल, बादली में कर्फ्यू के हालात

7 वर्ष पहले
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बादली क्षेत्र में गोकशी की घटनाएं रूकने का नाम नहीं ले रही हैं। बादली माजरी और निमाणा के बाद अब इस्माइलपुर और देवरखाना गांव के पास गायों के ताजा अवशेष मिले हैं। गोभक्तों ने लगातार हो रही गोकशी की घटनाओं के विरोध में शनिवार को बवाल खड़ा कर दिया। देर रात को ग्रामीण हाइवे 10 को जाम करने पहुंच गए। यह मार्ग िदल्ली से रोहतक और हिसार को जोड़ता है।

पहले सुबह गांव याकूबपुर में गायों के अवशेष फरूखनगर-झज्जर मार्ग पर रख कर जाम लगाया गया। उसके बाद करीब पौने बारह बजे ग्रामीणों गोभक्तों ने बादली का रुख किया। वहां तमाम रास्ते बंद कर दिए। दोपहर बाद दुल्हेड़ा, डाबोदा, मांडोठी छारा गांव के लोग भी सड़क पर उतर गए और जाम लगा दिया। गोभक्तों में आक्रोश इतना ज्यादा था कि उन्होंने गायों के अवशेष भी सड़क पर रख दिए। बाइपास को पूरी तरह बंद कराने के बाद लगभग दो बजे कस्बे में सभी दुकानों, बैंकों और अन्य संस्थानों को बंद करा दिया। पूरा कस्बा आसपास के दर्जनों गांवों के गोभक्त सड़कों पर उतर आए। बादली में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए। डीएसपी बहारदुरगढ़ शमेशर दहिया, डीएसपी अनूप सिंह, सदर और सिटी एसएचओ, सीआईए समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे।

गोचर भूमि के लिए लड़ाई लड़ रहे गोभक्त संत गोपाल दास भी बादली पहुंच गए हैं। समाचार भेजे जाने तक ग्रामीणों ने जाम नहीं खोला था। गोकशी की घटना का पता समय चला जब एक किसान अपने खेतों की जुताई करने पहुंचा।

ग्रामीणों को संबोधित करते गोभक्त संत गोपालदास।