भगवान कामदेव ने नारद का मोह भंग किया
पुरानागवर्नमेंट कॉलेज मैदान में श्री रामलीला कमेटी कटला की ओर से 117वीं रामलीला का बुधवार को मंचन किया गया। रामलीला का मंचन 4 अक्टूबर तक रात्रि 9 बजे से 12 बजे तक किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश पूजन के साथ हुई। इसके बाद नारद मोह राक्षसों का ऋषि मुनियों पर अत्याचार दिखाया गया।
नारद का मोह भंग करने के लिए भगवान कामदेव आते है। नारद को मोह भंग होने पर वह भगवान को श्राप देते हैं और कहते हैं कि जो बंदर का रूप आपने मेरा बनाया हैं वही रूप आपकी अगले जन्म में सहायता करेगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सूरजभान सरलिया थे और अध्यक्षता नरेंद्र तायल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में रामगोपाल अग्रवाल कमल मित्तल रहे। इसके अलावा कटला कमेटी के प्रधान वीरभान बंसल, सज्जन गुप्ता, सनत बिंदल, अशोक शर्मा, बजरंग सिंगल राजेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
श्रवण ने माता-पिता को तीर्थों की यात्रा करवाई
हिसार|विद्युत नगर में चल रही श्री बद्री केदार समिित द्वारा रामलीला का मंचन बुधवार को किया गया। इस दौरान श्रवण लीला को दिखाया गया। इसमें श्रवण अपने अंधे माता-पिता को चारों धामों का यात्रा करवाता है। इस दौरान एक नदी के किनारे राजा दशरथ के बाण से श्रवण की मौत हो जाती है। तब श्रवण के माता-पिता राजा दशरथ को पुत्र वियोग में तड़प-तड़प कर मरने का श्राप देते है। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के एमडी अरुण वर्मा मौजूद थे। न्यू मॉडल टाउन जिंदल कॉलोनी में श्मशान घाट के पास रामलीला में पहले दिन श्रवण लीला दिखाई गई। इसमें श्रवण अपने अंधे माता-पिता को चारों धामों का यात्रा करवाता है। इसके अलावा भगवान शिव की झांकी भी दिखाई गई।
विद्युत नगर में रामलीला का मंचन करते कलाकार।
पुराना गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में रामलीला का मंचन करते कलाकार।