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सावित्री के एजेंडों को लेकर कमल चंडीगढ़ रवाना

7 वर्ष पहले
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हमने भाजपा को उम्मीद के साथ वोट दिया था। जिस उम्मीद के साथ वोट दिया था, उस उम्मीद के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से अभी शहर में सुविधाओं पर कोई बड़ा फैसला नहीं आया है।\\\'\\\'

धीरजशर्मा, स्थानीयनिवासी अर्बन एस्टेट

सोमवार को राजगुरु मार्केट में सड़कों पर रेहड़ी वालों का कब्जा दिखा। दुकानदारों ने भी सड़क को अतिक्रमण कर घेर रखा था।

नगर निगम की टीम सिर्फ दिखावे के तौर पर कार्रवाई करती है। जमीनी स्तर पर हालात वहीं के वहीं हैं।

राजगुुरु मार्केट में चाट भंडार वाले का अतिक्रमण मुख्य चौराहे के पास है। उसे हटाने से हालात सुधरेंगे।

छोटी दुकान वालों ने सड़कों के ज्यादातर हिस्से घेर रखे हैं। जिनकी पहचान कर कार्रवाई करनी होगी।

राजगुरु मार्केट में समस्याओं की जड़ अतिक्रमण

सूबे की सत्ता बदली, मगर अपने शहर की व्यवस्था नहीं। पिछली सरकारों में कई बरसों तक सावित्री जिंदल जिन मुद्दों को लेकर जनता को टरकाती रहीं थी, अब उन्हीं मुद्दों पर शहर के नए विधायक डॉ. कमल गुप्ता भी अपनी राजनीति का मैदान तैयार करते दिख रहे हैं। पुराने मुद्दों की पिच पर एक अदद लंबी पारी खेलने की चाह में चंडीगढ़ के लिए फेरे लगाएंगे, पर जरूरी नहीं सारे मसले हल हो जाएं। शहर के गड़बड़ाए सिस्टम को लोकल प्रशासन की मदद से सुधारा जा सकता है। जाम, अतिक्रमण, बेतरतीब ट्रैफिक, सीवर-पानी जैसी समस्याओं से दो चार हो रहे शहर के लोगों को राहत देने के बजाय पिछली सरकारों से लटके रहे एजेंडों को भुनाने के लिए फाइलें तैयार करने में वक्त गुजारा जा रहा है। उधर, जनता ने जिस उम्मीद से नई सरकार को चुना है, उन उम्मीदों को पूरा होते देखना चाहती है। मगर यह तो आने वाला वक्त बताएगा कि नए विधायक इस पर कितना खरा उतरते हैं।

जुलाई से दर्जनों कॉलोनियों की जनता ने संघर्ष समिति का गठन करके आंदोलन कर रही है। विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों के एजेंडे में मंडी को शिफ्ट कराने का प्रस्ताव था। शहर में संचालित सब्जी मंडी के कारण जाम और अतिक्रमण से जनता परेशान है। जबकि बीच शहर में विधायक सड़क को फोरलेन भी कराना चाहते हैं, इसलिए सब्जी मंडी को शिफ्ट कराना उनकी वरीयता में गया है।

यहहै अड़चन | नईसब्जी मंडी में अभी दुकानों का आवंटन और कई व्यापारियों का मामला शासन स्तर पर अटका है। शासन स्तर से अलॉटमेंट लेटर मिलने में देरी शिफ्ट होने में अड़चन बनी हुई है। मं