अपने नाम के पीछे भट्ट लिखें : राजेश
ब्राह्मणभट्ट बंधुओं की बैठक सुशीला भवन के नजदीक स्थित कार्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता हरिद्वार वाले स्वामी कैलाशानंद महाराज गिरी ने की। उन्होंने बताया कि ऋषि ब्रह्मभट्ट को ब्राह्मण कहते हैं।
सर्वविदित है कि ब्रह्मा के पुत्र होने भट्ट की पदवी से अलंकृत किए जाने से कवि ब्रह्मा भट्ट कहलाए। इस समय ऋग्वेद में कवि सोम को ब्राह्मणों में राजा कहा गया है। सामान्य राजा जनता का राजा होता है, जबकि कवि ऋषि ब्राह्मणों के राजा है। बैठक में राजेश भारद्वाज ने कहा कि अपने पहचान बनाने के लिए सभी ब्राह्मण अपने बच्चों परिवार के सदस्यों के नाम के पीछे भट्ट लिखें। प्रत्येक गांव शहर में ब्रह्म भट्ट बंधु रहता है। उसके परिवार का पूर्ण विवरण, गोत्र पूरा पता सूची तैयार करे गांव, ब्लॉक, तहसील जिला स्तर पर सभी महाबंधुओ को संगठित करके एक इकाई स्थापित की जानी चाहिए। परिवार में आध्यात्मिक माहौल बनाने के लिए हम सभी प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी गांवों में संगठन को मजबूती दिलाने के लिए नारनौंद के पार्षद रामकुमार भट्ट, रोहताश भट्ट कश्मीर भट्ट तथा शहरों में राजेश भारद्वाज, राकेश कौशिक अभियान चलाएंगे। उनका सहयोग दर्शनलाल शर्मा, संदीप भट्ट हरीश भट्ट भी करेंगे। इस अवसर पर प्रदीप शर्मा, सुभाष शर्मा, अशोक भट्ट, सूरजभान भट्ट, जयप्रकाश, अनिल शर्मा, जयभगवान भट्ट, धर्मेंद्र भट्ट, सुरेश भट्ट, दर्शन भट्ट, अरुण भट्ट, महेंद्र भट्ट आदि उपस्थित रहे।