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रामपाल के कहने पर महिलाओं बच्चों को किया था आश्रम में बंद

7 वर्ष पहले
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नहीं बदलेंगे एसआईटी के इंचार्ज

पुलिसऔर सतलोक आश्रम के निजी कमांडो के बीच टकराव होने पर काफी महिला अनुयाइयों ने रामपाल के खिलाफ विद्रोह कर दिया था। वे वहां से बच निकलना चाहती थी। तब काफी महिलाओं और बच्चों को आश्रम के एक बड़े हाल में बंद कर दिया गया था। जिस कारण दम घुटने से चार महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई थी। यह खुलासा आश्रम प्रमुख रामपाल की खास राजदार बरवाला की बबीता उर्फ बेबी ने पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में किया है।

मुझेकहा - महिलाओं को गेट पर बैठा दो, पुलिस अंदर आने पाए बबीताने खुलासा किया कि 18 नवंबर को माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ था। रामपाल ने बबीता से कहा- ‘आश्रम में आई महिला अनुयाइयों और बच्चों को आश्रम के गेट पर बिठा देना, किसी भी सूरत में पुलिस अंदर प्रवेश नहीं करनी चाहिए। चाहे तुम्हारी जान चली जाए। यह सुनकर काफी महिलाओं और बच्चों ने विरोध किया था। हमने विरोध करने वाली महिलाओं और बच्चों को बाबा की रिहायश के नजदीक बने एक हाल में बंद कर दिया था। माहौल शांत होने पर हमने हाल खोलकर देखा तो चार महिलाएं और एक बच्चा मृत मिले थे। एक अन्य महिला बेहोश थी। हमने मौत की खबर बाबा को बताई थी, तब उसने कहा था कि शवों को आश्रम के गेट के बाहर डाल दो, हत्या पुलिस के नाम लगा देंगे। अगले दिन हम मौका पाकर बाहर निकल गए थे।’ उसी शाम गेट के बाहर से पुलिस ने आश्रम संचालक रामपाल को गिरफ्तार कर लिया था। वह तभी से वह पुलिस रिमांड पर है।

भिवानी . चरखीदादरी के श्रीकृष्ण प्रणामी आश्रम में साध्वी पर लगे समलैंगिक विवाह कराने की आरोपों की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के इंचार्ज डीएसपी अमित भाटिया ही रहेंगे। भाटिया का रोहतक में तबादला हो चुका है। एसपी अश्विन शेणवी ने बताया कि जांच पर कोई असर पड़े, इस वजह से इंचार्ज बदलने का फैसला हुआ है। बता दें कि एक नाबालिग छात्रा ने आश्रम की मुख्य साध्वी पर आरोप लगाया है कि एक सहायक साध्वी के साथ उसका समलैंगिक विवाह कराया गया। बाद में यौन उत्पीड़न किया गया। एसआईटी पीड़ित छात्रा और मुख्य साध्वी सहायक साध्वी के बयान दर्ज कर चुकी है।

काले सफेद धतूरा से बनी दवाई लेता था : आश्रममें मौजूद पुरुष अनुयायियों में केवल मनोज ही रामपाल का ऐसा सेवक था जो कि रामपाल के निजी कक्ष तक पहुंच रखता था। मनोज ने खुलासा किया कि रामपाल के खान पान से ले