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कुएं की चारदीवारी बनाने का एस्टीमेट 7.75 लाख
यह तस्वीर है गांव सरसौद के एक कुएं की। अंदाजा लगाइए, अगर इस कुएं की चारदीवारी बनानी हो तो कितना खर्च आएगा। करीब दो से ढाई लाख रुपये। अब पंचायत विभाग के अधिकारियों का कारनामा देखिए। इस चारदीवारी को बनाने के लिए 7 लाख 63 हजार 500 रुपये का एस्टीमेट बनाया गया है। इस एस्टीमेट को देखकर सांसद दुष्यंत चौटाला भी हैरत में पड़ गए। बोले, इतने रुपये में तो किसी पंचायत घर का हॉल रूम बन जाए।
एस्टीमेट देखने के बाद सांसद दुष्यंत ने उपायुक्त को सख्त चिट्ठी भेजी है। लिखा है, मेरी निजी राय में किसी भी कुएं की चारदीवारी पर इतना खर्चा नहीं आता। यह एस्टीमेट या तो मौके पर जाकर नहीं बनाया गया या फिर जानबूझकर ज्यादा बनाया गया है। सांसद ने उपायुक्त से अनुरोध किया है कि वे खुद मामले की जांच करें और दोषी अधिकारी-कर्मचारी के खिालफ सख्त कार्रवाई करें ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी विकास कार्यों में बाधा बन सके।
गलतएस्टीमेट से अधर में लटका काम
सरसौदके वाल्मीकि मोहल्ले के लोगों ने सांसद से कुएं की चारदीवारी बनवाने की गुहार लगाई थी। इसके बाद सांसद दुष्यंत ने 27 अगस्त 2014 को अतिरिक्त उपायुक्त को सांसद निधि कोष से एस्टीमेट तैयार कराने को पत्र लिखा था। अतिरिक्त उपायुक्त ने बरवाला के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को एस्टीमेट बनवाने के आदेश दिए। उन्होंने करीब पौने आठ लाख रुपये का एस्टीमेट बना दिया। अब इस मामले की जांच चलने से कुएं की चारदीवारी का काम अधर में लटका हुआ है।
जांच जल्द पूरी कराएंगे डीडीपीओ
जिलाविकास एवं पंचायत अधिकारी एसी कौशिक का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वे सोमवार को फाइल देखेंगे। अगर जांच में देरी हो रही है तो उसे जल्द पूरी कराएंगे।
सांसद बोले : एस्टीमेट बनाने वालों की मंशा गलत
सांसददुष्यंत चौटाला ने उपायुक्त को भेजे पत्र में कहा है कि कुछ अधिकारी कर्मचारी उनकी ग्रांट का गलत एस्टीमेट बना रहे हैं। ऐसे अधिकारी या तो विकास कार्य होने नहीं देना चाहते या फिर उनकी मंशा गलत है।
पहली बार नहीं बना है ऐसा विवादित एस्टीमेट
सांसदनिधि कोष से हाेने वाले काम का विवादित एस्टीमेट पहली बार नहीं बना। सांसद दुष्यंत ने कुलेरी और बासड़ा में बिजली कनेक्शन देने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त के मार्फत बिजली निगम को पत्र भेजा था। उसमें भारी अनियमितताएं मिली थी। ट्रांसफार्मर समेत बिजली के 13 उपकरणों के दामों में अंतर पाया गया था। तब सांसद ने निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा था। उसकी जांच भी अधर में लटकी हुई है।
जांच में लेटलतीफी
सांसददुष्यंत ने बीती एक दिसंबर को उपायुक्त को जांच कराने की चिट्ठी भेजी थी, मगर अभी तक जांच पूरी नहीं हुई। उसके बाद सांसद ने दोबारा से चिट्ठी भेजी। इसके उपरांत जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी ने पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता को सख्त लहजे में लिखा है कि वे अतिशीघ्र जांच करके अपनी रिपोर्ट टिप्पणी सहित भेजे।
ग्राम सरसाैद में स्थित कुआं, जिसकी चारदीवारी के लिए पौने आठ लाख एस्टीमेट बनाया गया है।