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शोध के दौरान धैर्य रखना जरूरी : प्रो. पूिनया

7 वर्ष पहले
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जीजेयूके एकेडमिक स्टाफ कॉलेज के निदेशक प्रो. बी.के. पूनिया ने कहा कि किसी भी रिसर्च पेपर थिसिस को लिखने के लिए ईमानदारी से प्रयास करने चाहिए। तथ्यों के साथ ईमानदारी से लिखे गए शोध पत्र किसी भी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में छप सकते हैं। प्रो. पूनिया एकेडमिक स्टॉफ कॉलेज में ‘मैकेनिज्म ऑफ पेपर एंड थिसिस राइटिंग’ विषय पर सोमवार से शुरू हुई कार्यशाला को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। यह कार्यशाला एक सप्ताह तक चलेगी।

उन्होंने कहा कि हमारे आधे से अधिक कार्य इसलिए सफल नहीं होते कि हमारे प्रयास ईमानदारी के नहीं होते। उन्होंने कहा कि शोध के दौरान धैर्य रखना जरूरी है। बेशक वर्तमान दौर में पुस्तकालयों की भूमिका बदल गई है, इसके बावजूद शोध के क्षेत्र में पुस्तकालय का महत्व नकारा नहीं जा सकता। डाॅ. पूनिया ने गुणवत्तापरक शोध पर बल दिया। कोर्स कॉर्डिनेटर डाॅ. वंदना पूनिया ने बताया कि इस कार्यशाला में 40 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। यह कार्यशाला शोधार्थियों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि कार्यशाला के दौरान शोध से संबंधित हर पहलु के बारे में बेहतर तरीके से जानकारियां उपलब्ध करवाई जाएंगी। कोर्स कॉर्डिनेटर अनुराग सांगवान ने भी संबोधित किया।

जीजेयू के एकेडमिक स्टाफ कॉलेज में मैकेनिज्म ऑफ पेपर एंड थिसिस राइटिंग विषय पर कार्यशाला का उद्घाटन करते एकेडमिक स्टाफ कॉलेज के निदेशक प्रो. बी.के. पूनिया।