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अब िदमाग का ऑपरेशन िबना टांके चीरे के संभव

7 वर्ष पहले
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हिसार। स्टीिरयोटेिक्टसतकनीक से दिमाग के ऑपरेशन बड़ी ही बारीकी से और सफलतापूर्वक िकया जा सकता है। स्टीिरयोटेिक्टस पुराना तरीका है जिससे दिमाग के महत्वपूर्ण हिस्सों को बचाया जा सकता है। स्टीिरयोटेिक्टस तकनीक से पहला ऑपरेशन 1908 में हुआ था।

पारिकन्सनडिसीज : इसबीमारी में मरीज के हाथ पैर शरीर कांपने लगते हैं। इस बीमारी में मरीज के शरीर में अकड़न बढ़ जाती है। स्टीिरयोटेिक्टस तकनीक से ऑपरेशन करके हाथ पैरों का कांपना कम किया जा सकता है।

दिमागकी रसोली का बायोप्सी :मरीज के दिमाग की गहरी रसोिलयों के ऑपरेशन करने में थोड़ा ध्यान रखना पड़ता है। इसके लिए स्टीिरयोटेिक्टस तकनीक इस्तेमाल करने से सुवधा रहती है और दिमाग के जरुरी हिस्सों का नुकसान भी नहीं होता है।

खूनका जमा होना (ब्रेन हेमरेज) :दिमाग के गहरे हिस्से, छोटे चीरे से निकाला जा सकता है।

दिमागमें पाइप का डालना : जिनमरीजों के दिमाग में पानी भरा होता है। उन मरीजों के दिमाग में पाइप डालने की जरुरत पड़ती है। स्टीिरयोटेिक्टस तकनीक से इस पाइप को उिचत रुप से अपनी जगह पर डाला जा सकता है।