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18 साल बाद ट्रैक पर उतरे प्रो. मलिक ने जीता पदक

7 वर्ष पहले
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जीजेयूके हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के प्रोफेसर एनएस मलिक ने जापान में जैवलिन थ्रो में रजत पदक जीता है। 18 बरसों के बाद एक बार फिर ट्रैक पर उतरे प्रोफेसर साहब ने अपने जज्बे को साबित कर दिखाया है। प्रोफेसर मलिक ने जापान के किटाकामी में हुई 18वीं एशियन मास्टर्स एथलेटिक चैंपियनशिप में 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग में हिस्सा लिया था। प्रो. एन.एस. मलिक ने इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। एशिया के पच्चीस देशों के लगभग 1600 खिलाड़ियों ने इसमें हिस्सा लिया। हरियाणा से पांच खिलाड़ी जापान गए थे।

प्रो. मलिक फ्रांस में अगले साल 4 से 16 अगस्त, 2015 तक प्रस्तावित विश्वस्तरीय मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए भी क्वालीफाई कर गए हैं। कुलपति डाॅ. आरएस शर्मा कुलसचिव प्रो. आरएस जागलान ने प्रो. एनएस मलिक को बधाई दी है।

चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले प्रोफेसर मलिक ने बताया कि उन्होंने 18 साल बाद एक बार फिर पिछले साल जनवरी से खेलना शुरू किया था। इससे पहले वह यूनिवर्सिटी लेवल पर खेलते थे। 1986, 87, 88 में प्रथम रहे और 1988 में ही ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में चौथे स्थान पर रहे थे। 1989 में नौकरी लगने के बाद बाहर खेलने नहीं गए। 1994 में सिविल गेम्स में हिस्सा लिया। मगर बाद में खेलना छोड़ दिया। शादी के बाद बच्चों को समय देने के लिए खेलों से दूर हो गए। जब बच्चे बड़े हो गए और बाहर पढ़ने लगे तो 18 साल बाद 2013 में फिर से खेलना शुरू कर दिया। प्रोफेसर एनएस मलिक ने बताया कि वह सात-आठ देशों में इंटरनेशनल फाइनेंस भी पढ़ा चुके हैं। इनमें से प्रमुख सिंगापुर, न्यूजीलैंड, इंडोनेशिया, दुबई अन्य देशों में भी व्याख्यान दे चुके हैं। उनकी बेटी अंकिता मलिक जर्मनी से पीएचडी कर रही है और बेटा अनुभव मलिक एसएनयू दादरी से बीटेक कर रहा है।

नौकरी के बाद छोड़ा था खेलना

प्रोफेसर एनएस मलिक