जेल में दोस्ताना, बाहर बनाई गैंग
सूरेवालाचौक के पास पुलिस मुठभेड़ मेें हथियारों की खेप के साथ गिरफ्तार किए गए पांचों बदमाशों का दोस्ताना जेल से शुरू हुआ। जब अलग-अलग मामलों में जेल में बंद थे। जेल की चारदिवारी के भीतर मिले और बाहर निकलते एक के बाद एक लूट डकैती की वारदात करनी शुरू कर दी।
पीएसआई प्रशांत कुमार ने बताया कि कुख्यात विनोद उर्फ काणा की नजर पड़ी तो उसने पांचों को अपनी गैंग में मिला लिया। फिर अपराध की दलदल में फंसते चले गए। अब इनके निशाने पर वांछित अजित थुराना था। ये अजित थुराना और बिटटू थुराना को मौत के घाट उतारना चाहते थे। इसके लिए इन पांचों ने अलग ग्रुप बनाया जो विनोद काणा के लिए काम करता है। लेकिन पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए गैंगवार शुरू होते ही दबोच लिया। वहीं पुलिस का मानना है कि आरोपियों के तार पुष्पा कॉम्प्लेक्स में हुए बिट्टू मर्डर केस से भी जुड़े हुए हैं।
पीएसआई प्रशांत कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका अगला निशाना अजित थुराना था। इसके बाद वे बिटटू को निशाना बनाते। गौरतलब है कि विनोद काणा और अजित थुराना के बीच काफी समय से रंजिश चल रही है। इस रंजिश में अभी तक दोनों तरफ के कई लोग मारे जा चुके हैं।
ट्रैक्टरबेच खरीदे हथियार
ग्रुपमें शामिल सबसे शातिर जितेंद्र अपराध की दुनिया में नाम कमाना चाहता था। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब उसे हथियारों की जरूरत पड़ी तो उसने घर से ट्रैक्टर बेचकर हथियार खरीदे। सीआईए इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि जितेंद्र ने 70 हजार रुपये में ट्रैक्टर बेचकर हथियार खरीदे। पीएसआई प्रशांत कुमार ने बताया कि अजय ने पूछताछ में बताया कि वह जमीन के विवाद में परिवार के ही 6 लोगों की हत्या करना चाहता था। इसके लिए वह कई दिनों से अपने दोस्तों के साथ योजना बना रहा था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने राजस्थान के अलवर के समीप किसी इलाके से हथियारों की खरीद की थी।
एसपी ने टीम की थपथपाई पीठ
इन वारदात में नाम शामिल
हत्या के जुर्म में सजायाफ्ता है अजय
जींद के ललित खेड़ा का अजय हत्या के एक मामले में सजायाफ्ता है। पीएसआई प्रशांत कुमार ने बताया कि अजय ने करीब 5 साल पहले मुंढाल के सोनू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसे कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। करीब एक महीना पहले वह पैरोल पर बाहर आया था।
एसपी के स्पेशल स्टाफ के