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54 साल पुराने रिश्ते में एक टिकट ने डाली दरार
पूर्वमुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के परिवार से पूर्व सांसद पंडित रामजीलाल का 54 साल पुराना रिश्ता है। विधानसभा चुनाव ने इस रिश्ते में खटास पैदा कर दी है। नलवा हलके से रामजीलाल चुनाव लड़ना चाहते थे, मगर हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई ने अपने बड़े भाई एवं पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
गुरुवार को चंद्रमोहन के नाम का ऐलान होने के बाद से रामजील भूमिगत है। भजन परिवार उनसे संपर्क साधने की कोशिश में लगा है। खुद चंद्रमोहन उन्हें तलाशने के लिए उनके घर और फैक्ट्री जा चुके हैं। वह शुक्रवार शाम को औद्योगिक क्षेत्र स्थित उनकी फैक्ट्री पहुंचे थे, मगर वह नहीं मिले।
हालांकि चंद्रमोहन ने नामांकन करने के बाद पत्रकारों से कहा था कि रामजीलाल की नाराजगी का उन्हें पता नहीं है। दूसरी तरफ रामजीलाल के हस्ताक्षरयुक्त एक पत्र भास्कर दफ्तर पहुंचा। पार्टी अध्यक्ष के नाम इस पत्र में लिखा है कि वह हजकां के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहे हैं, मगर पार्टी सदस्य बने रहेंगे। इसके बाद रामजीलाल के सचिव की तरफ से एक बयान जारी हुआ। इसमें लिखा है कि कुलदीप बिश्नोई ने रामजीलाल के साथ विश्वासघात किया है।
इस विषय पर विचार और अंतिम फैसला लेने के लिए शनिवार को अग्रसेन भवन में सुबह 11 बजे एक बैठक होगी। पिछले एक दशक से भी अधिक समय से हजकां से जुड़े पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला पार्षद सूबे सिंह आर्य ने अपने पद से त्याग पत्र दे दिया है। वह नलवा हलके के प्रभारी भी थे। आर्य ने एक बयान में कहा कि वे नलवा हलका से पार्टी की टिकट से चुनाव लड़ने के इच्छुक थे। पार्टी में अपनी उपेक्षा अनदेखी के कारण उन्होंने अपने पदों से इस्तीफा दिया है। वह शनिवार को 11 बजे हिसार के अग्रसेन भवन में अपने समर्थकों को एकत्रित करके आगामी रणनीति तय करेंगे।
किस्सा : भजनऔर राम की दोस्ती का
1960की बात है। तब रामजीलाल आर्य नगर पंचायत के चुनाव में सरपंच बने थे और भजनलाल आदमपुर पंचायत से पंच निर्वाचित हुए थे। दोनों खंड समिति के सदस्य बने। तब रामजीलाल ने भजनलाल को अपना वोट देकर खंड समिति का अध्यक्ष बनवाया था। तब से उनके बीच घनिष्ठ दोस्ती रही। भजन ने अपने दोस्त को 1992 और 1995 में राज्यसभा का सांसद बनवाया। भजन उन्हें इतने चाहते थे कि अपनी कुर्सी के बगल में रामजीलाल को बिठाते थे। ये रिश्ते भजनलाल क