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शिव पर ‘बेर’ नहीं ‘बैर’ चढ़ाओ : वंदना बहन

6 वर्ष पहले
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प्रजापिताब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के हिसार केंद्र की तरफ से शिवरात्रि के उपलक्ष्य में सेक्टर 14 में एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी वंदना बहन ने महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर आक का फूल, बेर, धतूरा, दूध मिश्रित पानी चढ़ाने के आध्यात्मिक रहस्य समझाए। बताया कि आक का फूल रंगहीन गंधहीन होता है, जो फूल मनुष्य घर में रखना भी अच्छा नहीं समझते, इस फूल को शिव पर चढ़ाने का रहस्य है आज मानव का मन रंगहीन और गंधहीन हो गया है ऐसे मन को प्रभु को अर्पण कर इसे सुमन बनाना चाहिए।

शिवरात्रि पर बेर चढ़ाने का अर्थ है आपसी बैर-भाव को शिव पर चढ़ाकर आपस में प्रेम से रहें, इससे आपसी संबंध भी मजबूत होंगे। कच्ची लस्सी चढ़ाने का रहस्य जीवन में बुराइयों ज्यादा है अच्छाइयां कम हैं। बुराइयों को परमात्मा पर चढ़ाना है, अच्छाइयां धारण करनी है। कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के रूप में शहर विधायक कमल गुप्ता मौजूद रहे। इस अवसर पर चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें चित्रों द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान राजयोग के बारे में समझाया गया। कार्यक्रम में ओपी आर्य, तनु बजाज, डॉ. राजेंद्र विरमानी, त्रिलोक नाथ खत्री, एमएल बजाज, ओपी चावला, एमपी अग्रवाल, गुलशन, तनु, अनु सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

शिवरात्रि के उपलक्ष्य में सेक्टर 14 में एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विधायक डॉ. कमल गुप्ता ने भी शिरकत की।