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बीड़ में लावारिस पशु छोड़ने की गांव के लोगों की गुहार
नगरनिगम से शहरी क्षेत्र के लावारिस पशु संभल नहीं रहे, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों से लावारिस पशुओं पर नकेल कसने के लिए उठ रही आवाज अफसरों के सिरदर्दी साबित हो रहा है। सोमवार को नगर निगम में जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर बसे गांव कुंभा के दर्जनों ग्रामीण पहुंचे। यह पहले तो एसडीएम के पास अर्जी लेकर पहुंचे थे।
यहां से निगम के कार्यकारी अधिकारी के पास भेज दिया। इन सभी ग्रामीणों ने हिसार के बीड़ में पशु छोड़ने के लिए निगम के अफसरों से अनुमति लेने आए थे। ग्रामीणों की मांग पर अब खुद निगम के अफसर ही असमंजस में हैं कि अनुमति दें या नहीं। शहर में करीब पांच हजार से लावारिस पशु घूम रहे हैं। जनता परेशान है। कुछ ऐसी ही समस्या लेकर कुंभा गांव के गांव लेकर पहुंचे। इनका कहना था कि रविवार को पशुओं के लिए चारा लेने जा रहे गांव के युवक सुनील को लावारिस पशुओं टक्कर मारकर घायल कर दिया। इसके अलावा पिछले एक माह में हुई ऐसी ही बड़ी आधा दर्जन घटनाओं का ग्रामीणों ने जिक्र किया। इन ग्रामीणों ने बताया कि फसलों को बर्बाद करने के अलावा तमाम दुर्घटनाओं के लिए यह लावारिस पशु परेशानी दे रहे हैं। इसलिए गांव और इससे जुड़े छोड़े बड़े अन्य गांवों के पशुओं को हिसार स्थित बीड़ में छोड़ने की अनुमति दी जाए। इस दौरान ईओ जगत सिंह से इन ग्रामीणाें ने बीड़ में पशु छोड़ने के लिए गुहार लगाई। इस दौरान सज्जन सिंह, भीम सिंह, जगत सिंह, राजेंद्र सिंह, सूबे सिंह, रामफल पूर्व सरपंच, दिलीप सिंह, वजीर, कृष्ण आदि मौजूद रहे।