- Hindi News
- केजरीवाल के पूर्वज धर्म के प्रति रहे हैं समर्पित
केजरीवाल के पूर्वज धर्म के प्रति रहे हैं समर्पित
अरविंदकेजरीवाल के पूर्वजों का धार्मिक लगाव पीढ़ी दर पीढ़ी चला रहा है। सभी पुश्तें शुरुआत से ही धर्म के प्रति समर्पित रही हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 1941 में गांव खेड़ा में केजरीवाल के पूर्वजों ने जो मंदिर बनवाया था वो अब तक आस्था का प्रतीक बना हुआ है।
शुरुआत से ही यह मंदिर अरविंद केजरीवाल के परिवार के साथ-साथ लोगों की आस्था का प्रतीक बना हुआ है। केजरीवाल के दादा के दादा छाजू राम ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था। मंदिर के पुजारी महेंद्र शर्मा ने बताया कि बेशक केजरीवाल के पूर्वज गांव में नहीं रहते हो फिर भी विशेष दिनों और त्योहारों पर मत्था टेकने वे यहां आते हैं। दिल्ली में दो बार आप का डंका बजा चुके अरविंद केजरीवाल का बचपन में मुंडन उनके गांव खेड़ा स्थित मंशा माता के मंदिर में हुआ था। जबकि शादी के बाद केजरीवाल ने प|ी सहित गांव के मंदिर में आकर धोक लगाई थी। इसके बाद भी समय-समय पर वो यहां पहुंचते रहे है। मंदिर के पुजारी महेंद्र शर्मा ने बताया कि केजरीवाल के चचेरे दादा किशोरी दास यहां रहते थे। लेकिन 1975 में वो अपने परिवार सहित सिवानी चले गए। गांव में बने मंदिर से केजरीवाल की सात पीढ़ियों की तो आस्था जुड़ी हुई है ही साथ ही ग्रामीण भी मंदिर में मन्नत मांगते हैं। ग्रामीण शादी समारोह, कुआं पूजन या अन्य त्योहारों पर मंदिर में धोक लगाकर अपनी रीति रिवाज पूरा करतेे है।
गांव खेड़ा में 1941 में अरविंद के पूर्वजों ने बनवाया था मंदिर, आज भी है आस्था का प्रतीक