खुदकुशी करना चाहते थे आठों आरोपी
नेपालीयुवती से दरिंदगी के आठ आरोपियों को पुलिस ने चौथे दिन बेनकाब कर दिया है। गिरफ्तारी के चार दिन बाद सभी आरोपियों को पुलिस निशानदेही कराने के लिए मौका-ए-वारदात पर लेकर गई। गुरुवार को पांच घंटे तक पांच स्थानों पर जाकर निशानदेही करवाई गई। इस दौरान सभी आरोपियों ने सिलसिले वार कहानी भी सुनाई। इस दौरान उन्हें गद्दी खेड़ी गांव भी ले जाया गया। पुलिस ने वह ईंट भी बरामद कर ली है, जिससे नेपाली युवती की हत्या की गई थी। इस दौरान पुलिस को पता चला कि घटना के बाद आरोपियों ने 6 फरवरी को खुलासे के डर से युवती के कुछ कपड़े जला दिए थे।
मामले की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी के इंचार्ज अमित भाटिया ने बताया कि पहले पांच आरोपी युवती को अपने साथ ले गए थे और बाद में बाकी चार को भी फोन पर बुला लिया था। इस मामले में कुल नौ आरोपी शामिल थे, जिनमें से आठ पुलिस रिमांड पर हैं, जबकि एक आरोपी सोमबीर दिल्ली में जहर निगलकर आत्महत्या कर चुका है। वारदात को अंजाम देने वाले इन कमरों में पड़े सबूतों को भी एफएसएल की एक विशेष टीम ने जांच की है। इन आठ आरोपियों में गद्दी खेडी गांव के रहने वाले राजेश, सुनील शीले, बिल्लू, सुनील माटा, मनबीर, पवन, प्रमोद नेपाल का रहने वाला संतोष शामिल है। फिलहाल ये आरोपी 17 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर है।
पैदल गई थी हिसार रोड तक
पुलिसने बताया कि युवती पैदल यहां तक पहुंची थी। गद्दी खेड़ी गांव के ढाबे पर शराब पी रहे 5 आरोपियों ने हिसार रोड पर जाते हुए देखा था। सबसे पहले सोमबीर की शह पर आरोपी उसे उठाकर अंधेरे में गद्दी खेड़ी में कोठडे पर ले गए। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया।
कहानी सुनाकर दोस्तों से ली राय
वारदातके बाद जैसे ही 4 फरवरी को युवती का शव मिला और खबर प्रकाशित हुई तो ये पढ़कर आरोपी डर गए थे। तभी से उन्होंने फिल्मी कहानी सुनाकर अपने दोस्तों से कानूनों की राय लेनी शुरू कर दी थी और गिरफ्तारी दिखाते ही सूचना मिली कि एक आरोपी ने दिल्ली के बवाना में जहर निगल कर खुदकुशी कर ली है अन्य भी ऐसा करना चाहते थे।