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5 बजे के बाद गार्ड को बताकर ही विभाग में बैठ सकेंगे प्रोफेसर

6 वर्ष पहले
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जीजेयूमें शाम पांच बजे के बाद विभागों में एंट्री पर रोक लगाए जाने पर प्रोफेसरों में रोष है। दरअसल, कुछ दिन पहले एक असिस्टेंट प्रोफेसर को शाम पांच बजे के बाद टीचिंग ब्लॉक 7 में एंट्री करने से सुरक्षा गार्ड ने रोक दिया था। असिस्टेंट प्रोफेसर ने ईमेल के जरिये विभाग के प्रोफेसरों को मामले से अवगत कराते हुए एतराज जताया। क्या अब हमें अपने विभाग में जाने के लिए भी अनुमति लेनी होगी। वहीं जीजेयू प्रशासन का कहना है कि यह सुरक्षा के लिहाज से यह फैसला लिया गया है। मगर इसके लिए परमिशन की जरूरत नहीं है। शिक्षकों को बिल्डिंग के गेट पर बैठे सुरक्षाकर्मी या चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर को बताना होगा, ताकि मामला उनकी जानकारी में रहे।

इससे पहले दिसंबर, 2012 में भी विश्वविद्यालय में इसी तरह की व्यवस्था को लागू किया गया था। इसके बाद नई सिक्योरिटी एजेंसी आने के बाद आदेश को अमल में नहीं लाया गया। पिछले दिन हुई चोरी की घटनाओं के बाद फिर सख्ती बरती जा रही है।

सिक्योरिटी पर पहले खर्च होते थे 25 लाख

जीजेयूमें सालाना सिक्योरिटी पर करीब 25 लाख रुपये खर्चा आता था। उस समय 120 सुरक्षा गार्ड निजी कंपनी के करीब 20 विश्वविद्यालय के गार्ड मौजूद रहते थे। कैंपस में करीब 10 कैमरे ही लगे हुए थे।

दो साल में सुरक्षा पर तीन गुना खर्चा

सिक्योरिटीपर सालाना करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। 150 से ज्यादा रिटायर्ड फौजी ड्यूटी करते हैं। कैंपस में करीब 100 कैमरे लगे हुए हैं।

पाबंदी नहीं है, िसर्फ जानकारी देनी होगी

^विभागोंमें 5 बजे के बाद या छुट्टी के दिन बैठने पर कोई पाबंदी नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। बिल्डिंग का मुख्य गेट सिक्योरिटी गार्ड को बंद करना होता है। ऐसे में विभाग में बैठने वाले शिक्षक को बिल्डिंग के बाहर बैठे गार्ड को या मुख्य सुरक्षा अधिकारी को सूचित करना है।’’

प्रोफेसरएमएस तुरान, रजिस्ट्रार, जीजेयू।