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सिटी बसें लगा रहीं गांव के फेरे, शहर में सिर्फ दो
2021 की योजनाओं से पहले शहर के मौजूदा हालातों पर उठे सवाल
बेलगाम ऑटो से एनसीआर की टीम भी हैरान
काउंटरमैग्नेट सिटी (सीएमसी) में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की संभावनाएं तलाशने पहुंची टीम के सामने बेलगाम ऑटो का मुद्दा भी उठा। 2021 तक क्या योजनाएं लागू की जा सकती है। यह जानने से पहले शहर की सड़कों पर बेलगाम ऑटो रिक्शा देखकर एनसीआर की टीम भी दंग रह गई। ट्रैफिक सिस्टम सुधारने और जाम से निपटने में फेल रहे प्रशासन के अधिकारियों ने इस समस्या को टीम के सामने भी स्वीकारा। भावी रणनीति पर भी मंथन हुआ। वहीं, एडीसी ने एक बार फिर ऑटो चालकों पर एक्शन का भरोसा दिलाया है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड की पांच सदस्यीय टीम गुरुवार को दो दिवसीय दौरे पर हिसार में पहुंची। लघु सचिवालय में सीएमसी की प्लानिंग पर मंथन किया। बोर्ड के नील चाडर, एनएस शेखावत, एस सुब्रमण्यम, शिरीष शर्मा और कविता गोटरू अधिकारियों ने लघु सचिवालय स्थित मीटिंग हॉल में शहर की मूलभूत सुविधाएं शहर में चल रहे विकास कार्यों और संभावित विकास कार्यों की जानकारी ली।
एडीसी राज नारायण कौशिक ने टीम को जनस्वास्थ्य विभाग की पेयजल सीवर व्यवस्था पर जानकारी दी। इसके अलावा बरसाती जल निकासी की तैयारियों को परखा। स्वास्थ्य सुविधाएं क्या हैं और भविष्य की संभावनाओं पर मंथन किया। औद्योगिक तरल ठोस वेस्ट, तरल ठोस कचरा प्रबंधन पर चर्चा की। यातायात व्यवस्थाओं के लिए सिटी बस, सड़क, फ्लाई ओवर, रेलवे ओवर ब्रिज के मामलों की जानकारी ली। वहीं, बाईपास, रेल यातायात के इंतजामों की व्यवस्था के बारे में पूछा।
{ऑटोचालकों की मनमर्जी के आगे कई अभियान फेल : पेज 5
दिल्ली क्षेत्र में भीड़ और औद्योगिक दबाव को कम करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भविष्य की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी नागरिक अशोक बंसल, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसई आरपी गर्ग, एक्सईएन डीपी मित्तल, नगर निगम के ईओ अरविंद कुमार बिश्नोई, एमई आनंद अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी एक्सईएन वीजी माचरा आदि अधिकारी साथ रहे।
>अफसरों के साथ कार्यशाला भी होगी।
>केंद्र सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
शहर की सड़कांे पर पांच हजार ऑटो रिक्शा दौड़ते हैं। किसी का रूट तय नहीं है। जहां से निकलते हैं, वहां चौड़ी सड़कें भी तंग हो जाती हैं।