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किताब थामने वाले नौनिहालों के हाथों में मजबूरी का कटोरा

7 वर्ष पहले
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शहरके बस अड्डे, रेलवे स्टेशन अन्य सार्वजनिक स्थानों पर एकाएक अनजान बच्चों की संख्या बढ़ गई हैं। ये वे बच्चे हैं जो हाथ कटोरा थामे हर आने-जाने वाले से अलग-अलग बहाने से पैसे मांगते हैं। भीख मांगने वाले बच्चों की प्रशासन सुध ले रहा और ही बाल संरक्षण कार्य से जुड़ी संस्थाएं।

5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नेशनल लेवल पर बच्चों से रूबरू होते हुए बचपन को बचाने का संदेश दिया था। मगर अपने शहर में शायद वह संदेश कहीं अनसुना सा रह गया। किताब से भरे बस्ते की जगह पीठ पर कबाड़ की बोरी और किताब, कलम थामने वाले हाथों में मजबूरी का कटोरा गया है। गलियों सड़कों की खाक छानने वाले इन नौनिहालों की आंखों में सवाल ... ये कहा भटक रहा देश के भविष्य का बचपन। व्यवस्था की उदासीनता उन्हें अपराध की दलदल में तो धकेल दे?

हिसार की गलियों सड़कों पर घूम रहे ये बच्चे सभ्य समाज से यह भी पूछ रहे हैं कि कहां गया शिक्षा का अधिकार। बाल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की हकीकत ट्रैफिक लाइटें, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टाउन पार्क, बस स्टैंड पर घूमते बच्चों की आस भरी आंखें बयां कर रही हैं। अहम सवाल यह भी है कि आखिर ये बच्चे कहां से आते हैं? और कहां चले जाते हैं?

हमारे देश में व्यवस्था में कई तकनीकी खामियां हैं। जिसके कारण शिक्षा का स्तर देश में सुधर नहीं रहा। देश के नौनिहालों की दयनीय हालत राजनीति की असफलता की तरफ इशारा कर रही है। सरकार को चाहिए शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए अहम कदम उठाए। रमेशवर्मा, आरटीआईकार्यकर्ता, हिसार।

इन नौनिहाल के बारे में पूरी जानकारी हासिल की जाएगी। रेलवे स्टेशन पर इनको अाने से रोका जाएगा। यह भी जाना जाएगा कि ये किस मकसद से हिसार रहे हैं। जीआरपीएफ की सहायता ली जाएगी। इसके लिए जल्द कार्रवाई की जाएगी। मुकेशश्रीवास्तव, क्षेत्रीयअधिकारी, रेलवे।

एमपी से रहे हैं बच्चे

और फिर बन जाते हैं गैंगस्टर

पेट की भूख को बुझाने के लिए मासूम बच्चे शहर की सड़कों पर एक-एक रुपये इकट्ठा करने के लिए मारे-मारे भटकते रहते हैं। ऐसे बच्चों पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले बदमाश तलाशते रहते हैं। जैसे ही बच्चे इनके संपर्क में आते हैं वे उन्हें पैसों या अन्य लालच लेकर अपराध के दलदल में झोंक देते हैं। यह बच्चे आपराधिक घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर देते हैं। इससे बाद रास्ते स