पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ज्वाइनिंग की शर्तों पर भड़के आवेदक

ज्वाइनिंग की शर्तों पर भड़के आवेदक

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
ऑलइंडिया आर्गेनिक फार्मर सोसायटी की ओर से जैविक खेती परियोजना के तहत नौकरी देने के नाम पर करोड़ों की ठगी के बाद आवेदकों के साथ फिर खिलवाड़ करने मामला सामने आया है। सोसायटी की ओर से शनिवार को आवेदकों को ज्वाइनिंग के लिए जाट धर्मशाला में बुलाया गया।

मगर यहां नौकरी देने के नाम पर आवेदकों को शर्तों की लंबी लिस्ट थमा दी। आरोप है कि पहले तो कंपनी कराेड़ों रुपये आवेदन फीस बटोरने के बाद फर्जीवाड़ा करके नौकरी नहीं दे रही थी। अब ज्वाइनिंग लेटर देने के एवज में कई तरह की शर्तें रख दीं। इसका आवेदकों ने विरोध किया तो अधिकारी एक एक कर मौके से खिसक लिए। इसके बाद ज्वाइनिंग के लिए सोनीपत से आए आवेदकों ने आईजी से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आईजी कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया।

सोनीपत से आए आवेदकों ने बताया कि उनके पास करीब चार दिन पहले एक नंबर से फोन आया कि कोर्ट में चल रहा मामला सुलझ गया है। अब 27 सितंबर से सभी की ज्वाइनिंग कराई जाएगी। इसके लिए फर्म की ओर से जाट धर्मशाला में आवेदकों काे बुलाया गया। करीब 15 लोग ज्वाइनिंग के लिए जाट धर्मशाला पहुंचे।

यहां पहुंचने वाले आवदेकों का कहना है कि फर्म के अधिकारियों ने ज्वाइनिंग लैटर देने के एवज में 5 हजार रुपये और फर्म से कम से कम दो किसानों को जोड़ने का लक्ष्य दिया। साथ ही फर्म से जोड़े गए किसान से ढाई हजार रुपये लेने की बात कही। इतना ही नहीं आवेदकों को कहा गया कि यदि फर्म से 12 किसानों को नहीं जोड़ सके तो उनको तो पूरी सैलरी दी जाएगी और ही पक्का कर्मचारी बनाया जाएगा।

इतनी शर्तें सुनने के बाद आवेदक भड़क गए। आवेदकों और फर्म कर्मचारियों के बीच कहासुनी हो गई। मामला ज्यादा बिगड़ते देख फर्म का एक एक अधिकारी मौके से चले गए। इसके बाद आवेदकों ने आईजी ऑफिस के बाहर डेरा डाल दिया। वे मामले को लेकर आईजी से मिलना चाहते थे। लेकिन आईजी से मुलाकात नहीं होने पर आवेदकों ने आईजी के रीडर को एक शिकायत की कॉपी सौंप दी।

ऑल इंडिया ऑर्गेनिक फार्मर सोसायटी की ओर से सितंबर 2012 में सहायक कृषि अधिकारी पद पर नौकरी देने के नाम पर बेरोजगारों से 2 करोड़ 20 लाख रुपये की ठगी करने का आराेप लगा। इस भर्ती प्रक्रिया में प्रदेश के करीब 59 हजार लोगों ने आवेदन किया था। इन आवेदकों की ओर से फीस के तौर पर सोसायटी के खाते में 2 करोड़ 20 लाख रुपये जमा हो गए थे। तत्