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जीजेयू का ग्रेड बरकरार, 5 साल में बढ़े 20 अंक

7 वर्ष पहले
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गुरुजंभेश्वर विज्ञान एवं तकनीकि विश्वविद्यालय को बुधवार की शाम अच्छी खबर मिली। नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रीडेशन काउंसिल (नेक) ने एक बार फिर विश्वविद्यालय को ग्रेड दिया है। सीजीपीए स्कोर भी 3.26 से बढ़कर 3.28 हो गया है। पांच साल पहले जीजेयू को 4000 में से 3260 अंक मिले थे, अब 3280 हो गए है। यानि पांच साल के दौरान विश्वविद्यालय महज 20 अंकों की छलांग लगा पाया। नेक की टीम 2 दिसंबर को पहुंची थी। तीन दिन तक विश्वविद्यालय में रहकर टीम ने सात पहलुओं पर अपना आंकलन किया था। छह दिसंबर को नेक टीम अपनी रिपोर्ट लेकर वापस दिल्ली रवाना हो गई थी। चार दिन में रिपोर्ट को कंपाइल करने के बाद नेक ने अब अपना नतीजा घोषित किया है। जीजेयू की नेक स्टेयरिंग कमेटी के चेयरमैन एमएस तुरान ने कहा है कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों, गैर शिक्षक कर्मचारियों और विद्यार्थियों की मेहनत से ग्रेड हासिल हुआ है।

> 2009 से 2014 तक 2139 रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए।

> एच इंडेक्स में जनरल की संख्या तीन गुणा बढ़कर 49 हुई।

> स्कोपस जैसे नामी डाटा बेस्ड इंडेक्स में 877 पेपर प्रकाशित हुए।

> इंफ्रास्ट्रक्चर पर 34 प्रतिशत बजट की बढ़ोत्तरी। 65 करोड़ से अधिक खर्च हुए।

> 2012 में देश में पहला स्थान हासिल करने वाला जीजेयू का एकेडमिक कॉलेज।

> 5 करोड़ की सहायता से रेडियो एनकोलॉजी सेंटर खोला।

> 72 प्रतिशत टीचर पीएचडी या फिर पीएचडी करने में जुटे।

> पिछले 5 सालों में 48 बुक प्रकाशित

जीजेयू को ग्रेड दिलाने में इनकी रही अहम भूमिका

नेक स्टेयरिंग कमेटी के चेयरमैन प्रोफेसर एमएस तुरान ने बताया कि नेक नेट ने विशिवविद्यालय के हर पहलु की प्रशंसा की है। विश्वविद्यालय को एक बार फिर से ग्रेड मिला है और पिछले साल से सीजीपीए स्कोर भी बढ़कर आया है।

प्लेसमेंट में कटे नंबर

पांच साल पहले नेक की टीम ने विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं और विद्यार्थियों की प्लेसमेंट में कमियां निकाली थीं। विश्वविद्यालय प्रशासन इन दोनों पक्षों पर बहुत ज्यादा काम नहीं कर पाया। सूत्रों के अनुसार प्लेसमेंट को लेकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों के पास नेक टीम को बताने लायक कुछ खास नहीं था। अधिकारियों ने वैश्विक मंदी का बहाना बनाया। इससे नेक टीम सहमत नहीं हुई।

बेशक सात श्रेणियों में कुल एक हजार नंबर की परीक्षा होगी, मगर चार हजार अंकों के आधार पर नेक स