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- \"1857 का विद्रोह हिंदू मुस्लिम एकता का प्रमाण\'
\"1857 का विद्रोह हिंदू मुस्लिम एकता का प्रमाण\'
हिसार | गांधीअध्ययन केंद्र सर्वोदय भवन में स्वतंत्रता संग्राम पर एक व्याख्यान आयोजित किया गया। डीएन कॉलेज के इतिहास विद् डॉ. महेंद्र सिंह ने प्रथम स्वाधीनता संग्राम के बारे में बताते हुए कहा कि सितंबर महीने में स्वाधीनता संग्राम को याद किया जाना प्रासंगिक हो जाता है, क्योंकि उन 126 दिनों में ब्रिटिश साम्राज्य की दिल्ली की सत्ता पकड़ से बाहर रही। जन विद्रोह की ज्वाला बंगाल से लाहौर तक पूरे उत्तर भारत में भड़की। मेरठ, आगरा, दिल्ली के साथ ही अंबाला, रेवाड़ी, मेवात, रोहतक, हांसी, सिरसा, हिसार, फतेहाबाद भिवानी के गांवों तक इसकी सक्रियता रही। हरियाणा में राग रागिनियों लोकगीतों में ही इसकी तस्वीर नजर आती है। सभ्य कहे जाने वाले अंग्रेजों ने हरियाणा वालों को असभ्य कहकर भारी जुल्म किए। इसकी परिणति देश की आजादी के रूप में हुई। इतिहास को पुन: लिखने समझने की आवश्यकता है, क्योंकि 1857 का जनविद्रोह हिंदू मुस्लिम एकता का सबसे बड़ा प्रमाण है। व्याख्यान का संचालन डॉ. महाबीर शर्मा ने किया। इस मौके पर आईजे नाहल, राजेश जाखड़ सुरेश वत्स आदि उपस्थित रहे।