एंबुलेंस वालों की हड़ताल से मरीजों की जान पर आफत
एंबुलेंसचालकों की हड़ताल से मरीजों की जान आफत में हैं। अस्पतालों में उन मरीजों की सांसें अटकी हैं, जिनका इलाज कर रहे चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों को एंबुलेंस ढूंढ़ने में मुश्किल हो रही है। यही नहीं मरीजों को घर से अस्पताल में अस्पताल से घर पहुंचने के लिए भी एंबुलेंस की सुविधा मिलने से दिक्कत हो रही है। आखिर वे कैसे अपने मरीजों को घर या दूसरे अस्पताल ले जाए। प्राइवेट एंबुलेंस मिल नहीं रही। सरकारी सेवा 102 की एंबुलेंसों ने भी मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों से ले जाने में हाथ खड़े कर दिए हैं।
डाॅक्टरों ने कहा-घर या अन्य अस्पताल ले जाओ
शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में कैथल के नफेसिंह भर्ती हैं। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा हुआ है। ब्रेन हैमरेज से पीड़ित नफेसिंह को चिकित्सकों ने घर या किसी अन्यत्र अस्पताल में ले जाने के बोल दिया है। परिजनों ने प्राइवेट एंबुलेंस चालकों को फोन किया, लेकिन हड़ताल के कारण उन्होंने सेवाएं देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसके परिजनों ने 102 पर भी एंबुलेंस के लिए संपर्क साधा तो यहां से एंबुलेंस भेजने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने सीएमओ से भी संपर्क साधा लेकिन उन्हें एंबुलेंस मयस्सर नहीं हुई। शहर के एक निजी अस्पताल में पंजाब के डूंडिया गांव के गुरुपाल सिंह भर्ती हैं। अस्पताल में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। डाॅक्टरों ने उनके इलाज से हाथ खड़े कर दिए हैं। अस्पताल ने उन्हें घर या कहीं और ले जाने की सलाह दी है। उनके परिजन प्रविंद्र ने प्राइवेट एंबुलेंस से संपर्क साधा, लेकिन कोई बात नहीं बनी। इसके बाद उन्होंने भी 102 पर सरकारी एंबुलेंस सेवा के लिए फोन किया तो उन्होंने भी आने से इनकार कर दिया है। परेशान परिजन एवं रिश्तेदारों ने सीएमओ से संपर्क साधा लेकिन उनका संपर्क नहीं हो सका।
डीसी के हस्तक्षेप के बाद मिली एंबुलेंस
बालसमंद की एक महिला पूजा ने शहर के निजी अस्पताल में सात माह के बच्चे को जन्म दिया। बच्चे की हालात खराब होने के कारण चिकित्सकों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ या गंगाराम अस्पताल दिल्ली ले जाने सलाह दे दी। इसके बाद महिला के परिजनों ने एंबुलेंस की तलाश की। प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों ने हड़ताल के कारण हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद सीएमओ से संपर्क किया, लेकिन उनका नंबर बंद मिला। इसके बाद पीड़ित ने डीसी को फोन किया तो डीसी के यहां से सीएमओ को व्यवस्था के निर्देश दिए। कुछ समय बाद प्राइवेट अस्पताल में पहुंची सरकारी एंबुलेंस ने बच्चे को चंड़ीगढ़ पहुंचाया।