धरने पर बैठे लोगों से मिले एडीसी, मांगों पर भरोसा दिया
भगानाप्रकरण को लेेेकर लघु सचिवालय के पास धरने पर मनोज के शव को रखे चार दिन हो गए। परिवार के लोग अपनी मांगों को पूरा हुए बिना शव के अंतिम संस्कार को तैयार नहीं हैं। रविवार दोपहर बाद धरने पर बैठे पीड़ित परिवारों की वेदना सुनने के लिए एडीसी विजय कुमार पहुंचे। उन्होंने परिवारों के दर्द को गंभीरता सेे सुना। इसके बाद आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी मदद को तैयार है। उन्होंने शव के अंतिम संस्कार की अपील करते हुए कहा कि शव ज्यादा दिन रखे रहना ठीक नहीं हैं। परिवारों ने सोचने के लिए समय मांगा है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने मांग सुनने के बाद मृतक मनोज कुमार के परिवारजनों को आश्वस्त किया जो मांग जिला प्रशासन के दायरे से बाहर हैं, उसे उपायुक्त की सिफारिश सहित प्रदेश सरकार को भेज दिया जाएगा। मनोज के इलाज आदि पर खर्च हुई राशि के बिल आदि का भुगतान जिला प्रशासन अपने स्तर पर ही कर देगा और बाकी के बारे में प्रदेश सरकार को अवगत करवा दिया जाएगा। इस दौरान उनके साथ उप पुलिस अधीक्षक जयपाल सिंह, तहसीलदार राजेश कुमार, डीआईपीआरओ अमित पवार सहित अन्य शामिल थे।
परिवारों ने मांगा है समय
जिलाप्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों के सामने रखे मनोज के इलाज पर खर्च का भुगतान स्थानीय स्तर और शेष मांगों को डीसी द्वारा संस्तुति कर सरकार को भेजे जाने के प्रस्ताव पर परिवारों ने सोचने का समय मांगा है। उनकी संस्तुति मिलने के बाद प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।’’ विजयकुमार, अतिरिक्त उपायुक्त।
ये है मामला
भगानाप्रकरण को लेकर लघु सचिवालय के साथ दिल्ली में जंतर-मंतर पर भी चले धरने के दौरान भगाना गांव के मनोज कुमार की तबीयत बिगड़ गई थी। उसे इलाज के लिए दिल्ली के एक अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जहां इलाज के दौरान उसकी पिछले दिनों मौत हो गई थी। परिवार के लोग शव को लघु सचिवालय पर चल रहे धरने पर ले आए थे। पिछले चार से शव यहीं रखा है। परिवार का आरोप है कि इलाज में लापरवाही से मनोज की मौत हुई।
धरनास्थल पर बैठे लोगों ने एडीसी को सौंपा मांग पत्र
भगानाप्रकरण में धरने पर बैठे मनोज के परिजनों और एवं अन्य लोगों ने एडीसी को मांग पत्र सौंपा। इसमें तीन मांगें रखी गई हैं। मृतक मनोज के परिजनों को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार नौकरी, तथा गांव या हिसार में परिवारों का पुनर्वास कराया जाए।
लघु सचिवालय पर भगाना प्रकरण एवं किसानों के धरने के मद्देनजर आदेश के इंतजार में बैठे पुलिस के जवान।
धरनास्थल के आसपास काफी संख्या पुलिस फोर्स मुस्तैद रही। यहां डीएसपी जयपाल सिंह के साथ इंस्पेक्टर सिविल लाइन कृष्ण कुमार पुलिस के वाहनों के साथ खड़े नजर आए। पुलिसकर्मी आदेश के इंतजार में लघु सचिवालय के गेट पर बने पार्क में सुस्ताते नजर आए।
धरने पर बैठे लोगों से बातचीत करते एडीसी विजय कुमार एवं डीएसपी जयपाल सिंह।