पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Hisar
  • जमीन और चांदी के सिक्कों के लिए पैर तोड़ मां को किया कमरे में कैद

जमीन और चांदी के सिक्कों के लिए पैर तोड़ मां को किया कमरे में कैद

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हांसी सदर पुलिस ने उसकी मां को मुक्त करा दिया। लेकिन दोषियों के खिलाफ पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। सुरेंद्र का आरोर है कि पुलिस ने पारिवारिक मसला बताकर मामले को रफा-दफा कर दिया। मात्र 151 की कार्रवाई की गई। यही बजह रही कि 11 फरवरी की शाम भी उसका भाई सिविल अस्पताल आकर उसे धमका गया।

सुरेंद्र का आरोप है कि 12 दिन से उसकी मां रोशनी देवी सिविल अस्पताल में भर्ती है। लेकिन इलाज के नाम पर 4 फरवरी मात्र उसका एक्सरे किया गया। इसके बाद किसी चिकित्सक ने उसे कोई इलाज नहीं दिया। जबकि मां की हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है।

सुरेंद्र का कहना है कि उसकी ननिहाल में कोई नहीं हैं। यहां उसकी मां रोशनी देवी को चार किला जमीन मिली हुई है। इसके अलावा गांव में सवा दो किला अतिरिक्त जमीन मां के नाम है। यही नहीं कुछ बैंक बैलेंस भी मां के खाते हैं। इसे उसका भाई अपने नाम कराना चाहता था। लेकिन मां ने इंकार कर दिया। उसने मां के साथ इस तरह का सलूक किया।

पुलिस के सहयोग से मां कराया मुक्त

सुरेंद्रके मुताबिक एक फरवरी को वह हांसी के सदर थाने पहुंचा। यहां पूरी घटना से एसएचओ को अवगत कराया। एसएचओ के आदेश के बाद पुलिस के साथ वह गांव पहुंचा। तो कमरे में बंधक मां को घायलावस्था में बाहर निकल वाया। मां की हालत गंभीर थी। उसके शरीर पर चोटें लगी हुई थी। चलने में लाचार मां को उसने किसी तरह सिविल अस्पताल में दाखिल कराया।

पुलिस ने कराया मुक्त, अस्पताल में घायल की मां की देखभाल में जुटे छोटे भाई को भी धमकाया

भास्करन्यूज | हिसार

जमीनके टुकडे़ और चांदी के सिक्कों के लिए एक बेट ने पैर तोड़ने के बाद मां को कमरे में कैद कर दिया। सात दिन तक वद्ध को मां को बंधक रखा। इस दरम्यान खाना भी नहीं दिया। इसकी खबर दिल्ली में रहने वाले छोटे-बेटे के कानों तक पहुंची तो उसने पुलिस के सहयोग मां को गंभीर हालत में मुक्त कराया। पुलिस ने कार्रवाई के नाम मह ये हम नहीं पिछले 10-12 सिविल अस्पताल के वार्ड संख्या पांच में अपनी मां की देखभाल में जुटा उसका बेटा बयां कर रहा है।

हांसी सदर थाने के गांव कवारी की रहने वाली रोशनी देवी प|ी स्वर्गीय राजकुमार से जुड़ा है। सिविल अस्पताल के वार्ड संख्या पांच में भर्ती रोशनी के पुत्र सुरेंद्र बताया कि वह दिल्ली में किसी फैक्ट्री में मजदूरी करता है। उसका बड़ा भाई कृष्ण कुमार गांव में अपने परिवार के साथ खेत पर बने मकान में रहता है। मां रोशनी देवी गांव में भाई के पास ही रह रही थी। 25 जनवरी को भाई कृष्ण एवं उसकी प|ी तथा मौसेर भाई एवं उसकी प|ी ने मां रोशनी देवी को बेरहमी से पीटा। मारपीट मां की टांग टूट गई। 31 जनवरी तक मां को कमरे में कैद रखा। गांव के एक सख्श ने उसे फोन पर घटना की जानकारी दी।

खबरें और भी हैं...