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किसान आज करेंगे आर-पार की जंग की घोषणा

5 वर्ष पहले
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मांगोंको लेकर पिछले चार दिनों से लघु सचिवालय परिसर में महापड़ाव डाले किसान सोमवार को बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस प्रदर्शन को किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अमरा राम संबोधित करेंगे। इस दौरान किसान नेता बड़े आंदोलन की घोषणा कर सकते हैं। प्रदर्शन की तैयारियों के लिए धरने पर रविवार को किसान सभा की राज्य कमेटी की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता राज्य उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने की। मीटिंग में सर्वसम्मति से फैसला किया कि सोमवार को आर-पार की लड़ाई की घोषणा की जाएगी। किसान सभा के राज्य सहसचिव दयानंद पूनिया ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ मजाक विश्वासघात कर रही है। पिछले 6 महीने से सरकार किसानों को आश्वासन दे रही है कि बर्बाद फसलों का मुआवजा दिया जाएगा। परंतु सच्चाई यह है कि आज तक खराबे की रिपोर्ट केंद्र सरकार को नहीं भेजी है। केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने इसकी पुष्टि की है। सोमवार को होने वाले प्रदर्शन में केवल पांचों जिलों के किसान भाग लेंगे बल्कि कर्मचारी, मजदूर अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी भाग लेंगे। धरने को जगमती सांगवान, सतबीर सिंह, रामअवतार सुलचानी, शकुंतला जाखड़, राजबीर सिंधु, जगबीर ढांडा प्रकाश घड़वाल ने भी संबोधित किया।

हिसार|लघु सचिवालयपरिसर में महापड़ाव डालकर बैठे किसानों की मांगों को सरकार तुरंत पूरा करे नहीं तो भवन निर्माण कामगार यूनियन भी किसानों के समर्थन में सड़कों पर उतरेगी। इस दौरान यूनियन की राज्य कमेटी ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष देशराज महासचिव सुखबीर सिंह ने कहा कि चार दिन से किसान लघु सचिवालय में पड़ाव डाले बैठे है। परंतु सरकार और अधिकारियों को किसानों की कोई चिंता नहीं है। सरकार के मंत्री कोरी बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूनियन किसानों की समस्याओं को हल करने की मांग करती है। अगर सरकार ऐसा नहीं करेगी तो 28 फरवरी को प्रदेश भर के तमाम संगठन हजारों की संख्या में जींद में केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह के आवास का घेराव करेंगे। बैठक में बलबीर सिंह दहिया, वीरेंद्र मलिक, राममेहर सिंह, राजू बरवाला, वेदप्रकाश, कश्मीर सिंह, बीर सिंह रेवाड़ी, शिवकुमार कनीना ओमप्रकाश अनेजा आदि मौजूद रहे।

महापड़ाव के चौथे दिन रविवार को लघु सचिवालय में धरने पर बैठे किसान।

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