स्टेशन के आसपास सक्रिय है लुटेरी महिलाओं का गैंग
रेलवेस्टेशन और उसके आसपास के इलाके में लुटेरी महिलाओं का गैंग सक्रिय है। कई बार 3-3 के ग्रुप में ये महिलाएं अलग-अलग स्थानों पर बैठी नजर आती हैं। लुटेरी महिलाएं लोगों को पहले अपने जाल में फंसाती हैं और फिर उनसे पैसे झटक लेती हैं। इसके बाद चकमा देकर निकल जाती हैं। शुक्रवार रात को स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने जा रहे दो युवकों को महिला गैंग ने अपना शिकार बना लिया। महिलाओं ने दोनों युवकों को झांसे में फंसाकर उनसे करीब सात हजार रुपये की नकदी छीन ली। युवकों के पास ट्रेन के किराए तक पैसे तक नहीं छोड़े। इस तरह के वाकये अक्सर होते हैं। लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती।
कई बार कर चुके हैं शिकायत
महिलाओंके इस गैंग और इनके कारनामों की शिकायत आसपास के लोग कई बार कर चुके हैं। लेकिन पुलिस ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की। ताजा मामले में भी इलाके में रहने वाले नागेंद्र सैनी ने पुलिस को शिकायत की है। पुलिस ने कार्रवाई की कहकर मामला टाल दिया।
लुटेरी गैंग का यह धंधा नया नहीं नहीं सालों से चल रहा है। हर रोज कोई कोई शख्स इस गैंग का शिकार बनकर पैसे गंवा देता है। 30 दिसंबर 2013 को रेलवे रोड के बाशिंदे एकत्रित होकर पुलिस चौकी सब्जी मंडी गए थे। यहां इस तरह की वारदात में शामिल महिला गैंग की शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने उस समय भी कोई कार्रवाई नहीं की थी।
पुलिस इस पूरे गिरोह की गतिविधि से बखूबी वाकिफ है। क्योंकि गिरोह में शामिल महिलाएं सब्जी मंडी के आसपास ही देखी जाती हैं। इसके बाद भी पुलिस ने महिलाओं को पकड़ना तो दूर जांच की भी जरूरत नहीं समझी। यही वजह है कि गिरोह में शामिल महिलाएं लगातार अपराध को अंजाम दे रही हैं।
अलमारी बनाने का काम करने वाले दो श्रमिक यूपी के गोरखपुर निवासी इस्माइल खां एवं राम प्रकाश घर जाने के लिए स्टेशन जा रहे थे। इस्माइल ने बताया कि वह जैसे ही स्टेशन के निकट पहुंचे तभी उसे तीन महिलाओं ने बुलाया और महिलाओं ने उनसे पैसे भी झटक लिए। पैसे वापस मांगे तो वह उनसे झगड़ा करने पर उतारू हो गईं। यही नहीं महिला ने दोनों को केस में फंसाने की धमकी दे डाली। इससे वे भयभीत हो गए। इसके बाद महिलाएं चकमा देकर रफूचक्कर हो गईं। उनका कहना था उनके पास किराए तक के पैसे नहीं छोड़े। इस गिरोह में एक दर्जन से अधिक महिलाएं शामिल बतायी गई हैं। तीन ग्रुप बनाकर अलग-अलग स्थानों के लिए निकलती हैं। दो ग्रुप स्टेशन के आसपास गलियों के नुक्कड़ पर बैठ जाते हैं। मजदूर तबके के लोगों को झांसा देकर बुलाती हैं। उनसे पैसे ऐंठकर फरार हो जाती हैं।
दो श्रमिकों से सात हजार लेकर हुईं फरार