संत उपरामानंद के दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान
परमहंसश्रीयोग दरबार मंदिर, शांति नगर के संस्थापक ब्रह्मलीन श्रीयोग शब्दानंद महाराज की परम शिष्या ब्रह्मदर्शी संत उपरामानंद महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए रविवार को नंगली साहिब कुटिया के संत धर्म अखंडानंद महाराज के सान्निध्य में हवन-पूजन, सत्संग षोडशी भंडारा किया गया। संस्था के सचिव गुलशन सेहरा ने बताया कि इससे पूर्व प्रात: ब्रह्मपुरी तीर्थस्थल पर किए गए श्रीमूल भागवत का भोग डाला गया। सत्संग के दौरान वक्ताओं ने ब्रह्मदर्शी संत उपरामानंद महाराज के जीवन पर प्रकाश डाला उनके दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया। विभिन्न शहरों से आए हजारों लोगों की उपस्थिति में संत रामानंद संत रामविचारानंद को संस्था संचालक के रूप में गद्दीनशीन किया गया। इस मौके पर अलवर से बाबा अविनाश नागपाल, निरंकारी प्रमुख सुरेश कथूरिया, समाजसेवी बीके भारती, जवाहर गांधी, ओपी असीजा, गौतम सरदाना, भीम महाजन, डाॅ. योगेश बिदानी, रमिंद्र शंटी, विजय ढल, सुधीर वरमाणी आिद थे।