खुशीराम ने दिखाई हरी झंडी, पहले मालगाड़ी चली, फिर 40 ट्रेनों के लिए भी खुला रास्ता
फैसले पर विरोध के बीच जाटों ने छोड़ा ट्रैक, 21 को लौटने की दे गए चेतावनी
कृषिमंत्री के साथ सांगवान की वार्ता पर जताया रोष बादमें मान भी गए
भास्करन्यूज | हांसी/हिसार
अखिलभारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष हवा सिंह सांगवान द्वारा आंदोलन वापस लेने के फैसले पर मय्यड़ ट्रैक पर बैठे आंदोलनकारियों ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सभी ने साथ मिल कर आरक्षण की लड़ाई लडऩे का फैसला लिया था। कुछ लोग पहले तो ट्रैक से उठने की जिद पर अड़े रहे। आखिरकार नेताओं के समझाने और 21 को फिर से ट्रैक पर आने के भरोसे के बाद दोपहर बाद ट्रैक पर से हटने को राजी हुए। हालांकि इससे पहले सांगवान ने स्वयं मौके पर जाकर आंदोलनकारियों को मंत्री से मिले आश्वासन की जानकारी दी।
गौरतलब है कि हवा सिंह सांगवान ने शनिवार रात कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ के साथ तीन दौर की वार्ता के बाद आंदोलन वापस लेने का फैसला लिया था। उन्होंने यह घोषणा की थी कि वह रविवार को ट्रैक अपने खेमे के लोगों को हटा लेंगे। रविवार को सुबह मय्यड़ के ट्रैक मौजूद लोगों ने सांगवान के इस फैसले की खिलाफत की। उन्होंने कहा कि हम आरक्षण लेने के लिए यहां पर बैठे हैं और लेकर ही उठेंगे। केवल एक व्यक्ति के फैसले से समाज की रूपरेखा तय नहीं होगी। लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि रेस्ट हाउस में सांगवान ने मंत्री के साथ जो भी गुफ्तगू की है, उसके बारे में हमें कुछ नहीं बताया गया।
इस दौरान भगाणा के विजयदीप ने लोगों को समझाया कि मंत्री और सांगवान के बीच जो भी बात हुई है, वह समाज के हित में ही हुई है। उन्हें कुछ समय की मोहलत दो। जो भी फैसला होगा समाज के हित में ही होगा। लोगों ने उनकी एक नहीं सुनी और जिद पर अड़े रहे कि जब तक हमारे पास कोई मंत्री नहीं आता तब तक हम ट्रैक से नहीं उठेंगे। इसके बाद एक-एक करके कई लोगों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। आखिर में वह सभी लगभग साढ़े बारह बजे ट्रैक से चले गए। जाते-जाते सरकार को यह चेतावनी दे गए कि 21 फरवरी को फिर से सभी जाट ट्रैक पर उतरेंगे।
मलिकगुट की भूिमका नहीं
अखिलभारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष शेर सिंह रतेरा ने कहा कि रविवार को हवा सिंह सांगवान और मंत्री ओपी धनखड़ के बीच जो भी वार्ता हुई, उसमें यशपाल मलिक खेमे के किसी भी सदस्य की कोई भूमिका नहीं है। लेकिन कुछ लोगों के द्वारा यह प्रचार किया जा रहा है कि मलिक खेमे के कुछ सदस्य भी वार्ता में शामिल थे।
^मय्यड़ रेलवे क्रॉसिंग से रोजाना करीब 40 तक पैसेंजर, एक्सप्रेस मालगाड़ियां गुजरती हैं। सातरोड से हांसी तक रेलवे ट्रैक चेक करने के बाद रेलगाड़ियों के लिए रास्ता खोल दिया है।\\\'\\\' अविनाशकुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलवे।
ट्रैक खाली होते ही पुलिस भी लौटी
मय्यड़में रेलवे ट्रैक खाली होने के करीब एक घंटे बाद ही पुलिस भी वापस लौट गई। गांव से पहले एक पेट्रोल पंप पर दो कंपनी (एक कंपनी में 75 सिपाही) फतेहाबाद और हिसार की पुलिस डेरा डाले हुए थी। ऐसे ही महिला पुलिस की एक प्लाटून (25 महिला सिपाही) भी अलर्ट थी।
रेवाड़ी-फाजिल्का की गाड़ी नंबर-54784 सोमवार को भी नहीं आएगी। यह गाड़ी सुबह करीब आठ बजे रेलवे स्टेशन हिसार रोजाना पहुंचती है।
मय्यड़ रेलवे लाइन पर सातरोड पर खड़ी मालगाड़ी पहुंची तो मेट खुशीराम हरी झंडी दिखाते हुए।
सातरोड से हांसी तक ट्रैक का रेलवे सेक्शन इंजीनियरों ने किया चेक