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तीन और संदिग्ध रोगियों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

5 वर्ष पहले
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तीनऔर संदिग्ध रोगी स्वाइन फ्लू से पीड़ित पाए गए हैं। इनके सैंपलों की जांच रिपाेर्ट मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंची। दो बच्चों और एक वयस्क के सैंपलों की जांच रिपाेर्ट पॉजिटिव आई है। इसमें 2 हिसार 1 सिरसा से संबंधित है। ये तीनों मरीज शहर के निजी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। इससे पहले जनवरी और फरवरी माह में भी स्वाइन फ्लू के 4 पॉजिटिव केस सामने आए थे जिनमें सभी की मौत हो गई थी।

इस साल में अब तक हिसार जिले में स्वाइन फ्लू के कुल 7 केस सामने चुके हैं। ऐसे में स्वाइन फ्लू के बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां कर ली है। सिविल अस्पताल में अलग से वार्ड बनाया गया है। मलेरिया विभाग के इंचार्ज डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. जया गोयल ने बताया कि स्वाइन फ्लू का वायरस एच1एन1 सर्दी के मौसम में ज्यादा फैलता है। मंगलवार को विभाग के पास चार लोगों की रिपोर्ट आई, जिनमें से तीन पॉजिटिव मिले है।

स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए एलोपैथी में ओरल कैप्सूल के माध्यम से दवाई दी जाती है। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. मोनिका ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षण नजर आने पर काढ़ा बनाकर पीना चाहिए। इसके लिए 100 ग्राम नीम की छाल, 100 ग्राम गिलोय, 50 ग्राम तुलसी, 50 ग्राम दालचीनी, 25 ग्राम लौंग, 1 से 2 ग्राम हल्दी, तीन से पांच दाने काली मिर्च इन सभी को कूटकर रख लें। फिर इसमें से एक व्यक्ति को पिलाने के लिए 5 ग्राम मिश्रण एक पानी गिलास में डालकर अाग पर पकाएं। जब पानी का एक चाैथाई भाग बच जाए तो उसे छानें और पी लें। इस तरह दिन में तीन बार पीने से आराम मिलता है।

स्वाइन फ्लू के लक्षण, रखें सावधानी

स्वाइनफ्लू के लक्षण तेज बुखार, खांसी, गला खराब होना, जुकाम, बदन दर्द, तीव्र सिर दर्द, बलगम में खून, अतिसार, होठों का नीला पड़ना, उल्टियां दस्त होना है। स्वाइन फ्लू एच1एन1 वायरस का बच्चे बुजुर्गों में खतरे की ज्यादा संभावना रहती है। संक्रमित व्यक्ति खांसता है या छींकता है तो इसके कण भौतिक चीजों पर गिरते हैं, हवा में फैलते हैं, अन्य लोगों से हाथ मिलाने पर यह संक्रमण फैल जाता है। इसलिए इस तरह की स्थिति होने पर सावधानी रखना, सैंपलिंग से जांच करवाकर, इलाज लेने पर इससे बचा जा सकता है।

उपचार की व्यवस्था का लिया है जायजा

^मलेरियाविभाग के इंचार्ज का पद अभी संभाला है। स्वाइन फ्लू के केस सामने रहे हैं। इसके लिए अस्पताल में टेमीफ्लू दवाइयों की आइसोलेशन रूम की क्या व्यवस्था है, इसका जायजा लिया गया है। समुचित व्यवस्था का प्रयास किया जाएगा। फ्लू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।\\\'\\\' डॉ.जया गोयल, डिप्टी सिविल सर्जन।

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