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20 हजार में रिपेयर करवाया 40 हजार रुपए का डस्टबिन

5 वर्ष पहले
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नगरनिगम का एक ओर नया कारनामा सामने आया है। कचरा डालने वाला जो डस्टबिन करीब 40 से 45 हजार में नया मिलता है उसे 20 हजार रुपये में रिपेयर करवाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिस एजेंसी को रिपेयर करवाने के लिए ठेका दि‍या था, उसके दस्तावेजों में भी खामियों की बात सामने रही है। हालांकि एजेंसी प्रतिनिधि ने दस्तावेज में खामियों होने की बात को नकारा है।

अधिकारी भी इस मामले से दूरी बना रहे हैं। निगम के अनुसार गत वर्ष 3क्यूम के 40 डस्टबिन की मरम्मत का कार्य टेंडर के माध्यम से करवाया गया है। इसमें कंपनी को समय पर कार्य पूरा करके देने के कारण करीब 74 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है। यह टेंडर इन दिनों नगर निगम में चर्चाओं में है। कारण है कि जो डस्टबिन मार्केट में करीब 40 से 45 हजार रुपये का नया खरीदा जा सकता है। उन्हें 20-20 हजार रुपये में रिपेयर करवाया जा रहा है।

ऐसे में निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगे रहे हैं। कारण है जो पहले ही क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें कभी किसी जगह से कभी किसी जगह से रिपेयर करवाने का क्या लाभ है।

^एजेंसी के दस्तावेज के बारे में फिलहाल पूरी जानकारी नहीं है। मगर एजेंसी ने डस्टबिन रिपेयर करके देने में देरी की थी जिस कारण उसे 74 हजार का जुर्माना किया गया है।’’ उग्रसेनपरमार, सीनियर अकाउंट आॅफिसर, नगर निगम हिसार।

^डस्टबिन रिपेयर का मामला पुराना है। मेरे सीएसआई चार्ज संभालने से पहले का मामला है। ’’ सुधीरकुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक।

^ठेकेदार के पास सर्विस टैक्स नंबर है। नियमानुसार रिपेयर टेंडर लिया गया है। हां डस्टबिन रिपेयर करने में देरी हुई होगी। लेकिन दस्तावेज पूरे है।\\\'\\\' मुकेशबंसल, एजेंसी प्रतिनिधि।

सर्विस टैक्स नंबर नहीं था

डस्टबिनरिपेयर मामले में अधिकारिक सूत्रों की मानें ताे जिस एजेंसी ने यह टेंडर लिया, उस समय उसके पास सर्विस टैक्स नंबर नहीं था। सर्विस टैक्स नंबर होने के बावजूद अंदर खाते एजेंसी को करीब 8 लाख रुपये का टेंडर देने का कार्य किया गया है। वहीं जानकारों की मानें तो बिना सर्विस टैक्स नंबर के टेंडर एजेंसी को अलाॅट ही नहीं हो सकता है। ऐसे में एजेंसी का आवेदन स्वीकार्य ही नहीं है।

32 दिन की देरी पर कंपनी पर 74 हजार का जुर्माना

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