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पेस्टीसाइड और फर्टीलाइजर डीलरों ने व्यापार ठप रखा, रही हड़ताल

5 वर्ष पहले
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पेस्टीसाइडएंड फर्टिलाइजर लाइसेंसधारक डीलरों ने मंगलवार को नए कानून के खिलाफ जिलेभर में हड़ताल की। इस दौरान व्यापारियों ने अपने संस्थान बंद रखे। हड़ताल का आह्वान देशभर में किया गया था, जिसमें प्रदेश के करीब डेढ़ लाख पेस्टिसाइड, फर्टिलाइजर्स तथा उर्वरक विक्रेता भी शामिल हुए। दी हिसार पेस्टीसाइड एंड फर्टीलाइजर एसोसिएशन की ओर से भी शहर के दुकानदार सुबह सुशीला भवन में एकत्रित हुए। वहां से उन्होंने लघु सचिवालय जाकर उपायुक्त को ज्ञापन दिया और लाइसेंस के लिए शैक्षणिक योग्यता लागू करने की सरकार से गुहार की। ज्ञापन देने वालों में दी हिसार सीड्स पेस्टीसाइड एंड फर्टीलाइजर एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण कुमार सैनी, उपप्रधान रमेश दड़बा, सुनील ऐरन, राजकुमार, विकास लाठर, उमेश गुप्ता, रोशन लाल आदि शामिल थे।

यहहै मामला

केंद्रसरकार ने पिछले वर्ष अक्टूबर में अनिवार्य वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 का प्रयोग करते हुए उर्वरक नियंत्रण चौथा संशोधन किया है। इसकी अधिसूचना 5 नवंबर, 2015 को जारी हुई थी। इसके तहत शैक्षणिक योग्यता संबंधी अधिसूचना जारी की है। नए कानून के अनुसार सभी पेस्टीसाइड डीलरों को बीएससी पास होना जरूरी है। यदि कोई डीलर बीएससी पास नहीं है तो दो साल के अंदर डिग्री ले सकता है।

पेस्टीसाइड एंड फर्टिलाइजर डीलरों ने डीसी को ज्ञापन देते हुए बताया कि ज्यादातर व्यापारी चार साल के बीएससी कोर्स को पढ़ने में सक्षम नहीं है। पात्र व्यक्ति को सहकर्मी के रूप में रख पाना भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि दुकानदार अपने अनुभव के हिसाब से किसान से बात करता है और उन्हें पेस्टीसाइड फर्टीलाइजर उपलब्ध करवाता है। उनका कहना है कि डीलर्स 40-40 सालों से लाइसेंस लिए हुए काम कर रहे हैं। कई ताे 60 वर्ष की उम्र भी पार कर चुके हैं। ऐसे में अब उनके लिए बीएससी पास करना कहा तक संभव हो पाएगा। उन्होंने मांग की है कि इस कानून में पुराने डीलरों को छूट मिलनी चाहिए, भले ही आगे डीलरों के बीएससी की शर्त लागू कर दी जाए। जो वर्षों से लाइसेंसधारक हैं, सरकार उनके लिए कृषि विकास केंद्र तथा कृषि विभाग द्वारा प्रशिक्षण की व्यवस्था करे। इस संबंध में पेस्टीसाइड डीलरों का प्रतिनिधिमंडल बुधवार काे सांसद दुष्यंत चौटाला से भी मिला था। उन्होंने चौटाला से यह भी आग्रह किया था कि इस मुद्दे को संसद की आगामी कार्रवाई में उठाया जाए। सांसद चौटाला ने भरोसा दिलाया था कि उनकी समस्याओं को संसद में उठाया जाएगा। उधर, व्यापारियों ने मांग की है कि इस पात्रता के स्थान पर पुराने व्यवसायियों को कृषि विकास केंद्र अथवा मंडी स्तर पर कृषि विभाग द्वारा प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। इससे सरकार की शर्त भी पूरी हो जाएगी और व्यापारियों किसानों के बीच तालमेल भी बना रहेगा रोजगार पर संकट भी नहीं आएगा।

इन्हेंहै छूट

हालांकिसरकार ने यह भी सुविधा दी कि है कि रजिस्टर्ड कृषि सहकारी संस्थाएं और राज्य विपणन परिसंघों को नए कानून से बाहर रखा है। यह कानून केवल डीलरों पर लागू होगा, जो किसानों को पेस्टीसाइड, फर्टिलाइजर और उर्वरक बेचते हैं।

सरकार को पुराने डीलरों पर नहीं लगानी चाहिए शर्त : गुप्ता

हिसार | अखिलभारतीय व्यापार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आत्माराम गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार पेस्टीसाइड फर्टीलाइजर विक्रेताओं पर बीएससी पास वाली शर्त लगाए। लघुसचिवालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आत्माराम गुप्ता ने कहा कि डीलरों ने दो-दो पीढ़ियां खपा दी हैं। इस उम्र में अब वे कैसे पढ़ाई करेंगे और कैसे डिग्री पाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस कानून पर गंभीरता से विचार करे और पेस्टीसाइड डीलरों को शिक्षा की अनिवार्यता से छूट दें। उन्हाेंने प्रदेश के मुख्यमंत्री, मंत्री और सांसदों को इसमें सहयोग करना चाहिए। उनके साथ संघ कार्यकारी अध्यक्ष रोशनलाल गर्ग अन्य सदस्य भी थे।

केंद्र के कानून पर जिला प्रशासन कुछ नहीं कर सकता

^केंद्रसरकार ने जो कानून बनाया है, उस पर जिला प्रशासन कुछ नहीं कर सकता। व्यापारियों ने जो ज्ञापन दिया है, वह सरकार के पास पहुंचा दिया जाएगा। यह एेसी प्रक्रिया है, जो देशभर के पेस्टीसाइड एवं फर्टिलाइजर डीलरों के लिए बनाई गई है। कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग द्वारा तैयार इस कानून को केंद्र सरकार ने संशोधित कर 5 नंवबर, 2015 को अधिसूचना जारी की है।\\\'\\\' डॉ.चंद्रशेखर खरे, उपायुक्त, हिसार।

पेस्टीसाइड एवं फर्टिलाइजर विक्रेता मांगों को लेकर डीसी से मिलने जाते।

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