• Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Hisar
  • मलिक का आरोप : जिला प्रशासन ही बना रहा टकराव के हालात डीसी की दो टूक : माहौल बिगड़ने का अंदेशा, नहीं

मलिक का आरोप : जिला प्रशासन ही बना रहा टकराव के हालात डीसी की दो टूक : माहौल बिगड़ने का अंदेशा, नहीं रुकेगी चेकिंग

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
आंदोलनकारियों के गांवों में फ्लैग मार्च

जाटआरक्षण संघर्ष समिति के धरना स्थल की ओर जाने वाली गाड़ियों की चेकिंग लोगों के आईडी प्रूफ चेक करने को लेकर जिला प्रशासन संघर्ष समिति आमने-सामने हो गए हैं। समिति के पदाधिकारियों ने जहां चेकिंग को टकराव के हालात पैदा करना बताया है, वहीं डीसी ने दो टूक कहा कि उन्हें माहौल बिगड़ने की आशंका है। गाड़ियों में डंडे मिले हैं और रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखने के प्रयास किए गए हैं, इसलिए चेकिंग किसी भी सूरत में नहीं रुकेगी।

गौरतलब है कि रविवार को समिति के पदाधिकारी हाईवे के नजदीक धरना शुरू करने की जिद पर अड़े थे। वहीं प्रशासन उन्हें गांव मय्यड़ के स्टेडियम में धरना शुरू करने के लिए मौखिक तौर पर कह रहे थे। इसके चलते धरना शुरू होने से पहले ही पुलिस फोर्स ने रामायण की ओर जाने वाली गाड़ियों की चेकिंग शुरू कर दी थी। वहां गुजरने वाले लोगों को बाकायदा आईडी प्रूफ देखने के बाद ही आने-जाने दिया जा रहा था।

सोमवार को भी हाईवे से रामायण मोड़ पर पुलिस फोर्स ने नाका लगाया हुआ था। यहां से गुजरने वाले वाहनों को बाकायदा चेक किया जा रहा था और उनके नंबर रजिस्टर में दर्ज किए जा रहे थे। इसके अलावा पुलिस की ओर से भी गांवों में जाकर लोगों को धरने में शामिल नहीं होने के नोटिस दिए जा रहे हैं। प्रशासन के इस रवैये को लेकर जाट आंदोलनकारी गुस्से में है और इस कार्रवाई को टकराव के हालात पैदा करने वाली कार्रवाई कहा है।

धरने में शामिल होने के लिए लोगों पर बनाया जा रहा दबाव

प्रशासनका कहना है कि उन्हें सूचनाएं मिल रही हैं कि धरने में लोगों को शामिल करने के लिए समिति की ओर से लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। अब गांव रामायण के ग्रामीण भी नहीं चाहते कि समिति के लोग उनके गांव के आसपास धरना दे। इससे पहले गांव मय्यड़ के लोग भी धरने का विरोध कर चुके हैं। लोगों को भड़काने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रशासन ने नहीं दी धरने की कोई अनुमति, धक्के से खेत में बैठे

डीसीनिखिल गजराज ने कहा कि प्रशासन ने समिति को धरने के लिए कोई अनुमति नहीं दी है। समिति के लोगों ने धक्के से खेत में जाकर धरना शुरू कर दिया। अगर उनके पास अनुमति है तो वे दिखाएं। खेत के मालिक ने भी इस एतराज जताया है कि उसकी फसल बर्बाद कर दी गई है। हमें शिकायत मिलती है तो समिति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

आज होगी डीसी और समिति पदाधिकारियों की बैठक

समितिके पदाधिकारियों को उनकी समस्याएं बातचीत करने के लिए डीसी निखिल गजराज की ओर से डीआरओ ब्रह्मप्रकाश अहलावत ने बैठक का निमंत्रण दिया है। समिति का कहना है कि चेकिंग नोटिस देने के मामला बैठक का मुख्य एजेंडा रहेगा। समिति ने डीसी की ओर से बैठक का निमंत्रण मिलने की पुष्टि की है।

प्रशासन को हर हरकत की मिल रही रिपोर्ट

जिलाएवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह सजग है। इसके चलते गांव-गांव खास तौर पर उन गांवों में जहां से पिछले आंदोलन में अधिकाधिक लोग शामिल हुए थे। वहां खुफिया विभाग की टीमें भी सक्रिय हैं। जोकि हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं, हर पल की रिपोर्ट प्रशासन को भेज रही है।

निजी वाहनों की चेकिंग

आईजीके निर्देश पर जिलेभर में संदिग्ध निजी वाहनों की चेकिंग की गई। इसके पीछे उद्देश्य बताया जा रहा है कि कुछ असामाजिक तत्व धरने की तरफ जाकर माहौल बिगाड़ने का काम कर सकते हैं। इसी के मद्देनजर चेकिंग की है।

^हमारे पास माहौल बिगड़ने की सूचनाएं हैं। एहतियात के तौर पर चेकिंग की जा रही है। चेकिंग के दौरान गाड़ियों में डंडे मिले हैं और कुछ युवकों द्वारा रेलवे ट्रैक पर पत्थर भी रखे गए हैं। ऐसे माहौल में चेकिंग नहीं रुकेगी। निखिलगजराज, डीसी, हिसार।

^प्रशासन जाट समुदाय पर दबाव बना रहा है। सरकार के इशारे पर टकराव के हालात पैदा किए जा रहे हैं। अगर इसी तरह से हालात चलते रहे तो समिति को भी अपनी आंदोलन की रणनीति बदलनी पड़ेगी। रामभगतमलिक, प्रदेश प्रवक्ता, जाट आरक्षण संघर्ष समिति।

गांवों की सड़कों पर फ्लैग मार्च करता पुलिस फोर्स का काफिला।

रामायण के पास रेलवे ट्रैक पर गश्त करते हुए आरएएफ के जवान।

खबरें और भी हैं...