हिसार | ‘मां’जननी के साथ-साथ सबसे बड़ी गुरु है। इसलिए हमें माता-पिता का सदैव ऋणी होना चाहिए। उक्त उद्गार रामाभाई अहमदाबाद वाले ने योग वेदांत समिति एंव युवा संघ की ओर से बसंत पंचमी के अवसर पर मातृ-पितृ दिवस पर कहे। कार्यक्रम में जगदीश जिंदल, एचके शर्मा, ललित शर्मा सुशील कौशिक आदि उपस्थित रहे।