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बालसमंद में सेना को 1500 एकड़ जमीन की तलाश

5 वर्ष पहले
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सिरसारोड पर बीएसएफ और सातरोड में छावनी के बाद अब गांव बालसमंद के पास आर्मी अपना नया एरिया बनाने की तैयारी कर रही है। आर्मी ने बालसमंद की 1516 एकड़ जमीन की तलाश के लिए जिला प्रशासन से पत्राचार शुरू कर दिया है। इसके अलावा आर्मी ने पीडब्लूडी विभाग से इमारतों और वन विभाग से उपरोक्त जमीन पर खड़े पेड़ों के बारे में भी जानकारी मांगी है।

आर्मी ने कस्बे की हिसार-भादरा मार्ग से लगती 1516 एकड़ भूमि को चिह्नित किया हुआ है। इस भूमि और इलाके का कई बार आर्मी सर्वे भी कर चुकी है। फिलहाल आर्मी ने संबंधित जमीन के दस्तावेज भेजकर जिला प्रशासन से जानकारी मांगी थी। जानकारी में मांगा गया है कि इन जमीनों के कलेक्टर क्या हैं। यह किस प्रकार की जमीन है। इनके मालिक कौन-कौन हैं। जिला प्रशासन ने आर्मी को इस 1516 एकड़ जमीन के कलेक्टर रेट भेज दिए हैं। इसके बाद आर्मी ने वन विभाग और पीडब्लूडी को पत्र लिखकर जमीन पर खड़े पेड़ों इमारतों के बारे में जानकारी मांगी है।

डीआरओ बोले- प्रशासन ने भूमि के दस्तावेज आर्मी को भेजे

इसबारे में डीआरओ राजबीर सिंह धीमान से बात की तो उन्होंने बताया कि आर्मी ने बालसमंद कस्बे की चिह्नित भूमि का खसरा नंबर सहित नक्शा, जमाबंदी और डीएलसी रेट मांगे थे। जिला प्रशासन की ओर से सभी दस्तावेज आर्मी को भेज दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व आर्मी द्वारा मांगे गए किसानों के शपथ पत्र भी भेजे जा चुके हैं। आगे की कार्यवाही आर्मी प्रशासन की है।

जिला प्रशासन ने इस भूमि का भेजा है रिकाॅर्ड

जिलाप्रशासन ने आर्मी की ओर से चिह्नित की गई हिसार-भादरा मुख्य मार्ग से लगती भूमि का रिकाॅर्ड मांगा है। इस चिह्नित भूमि में नहरी, ताल और रेतीली भूमि शामि‍ल है। जिला प्रशासन ने कलेक्टर रेट के अनुसार हिसार-भादरा मुख्य मार्ग से सटी हुई भूमि के २५ लाख रुपये प्रति एकड़, सिंचित भूमि के १४ लाख, ताल भूमि के १२ लाख, रेतीली भूमि के ११ लाख और गैर मुमकिन भूमि के १७ लाख प्रति एकड़ रेट अनुमोदित किए हैं।

50 के करीब किसान दे चुके हैं शपथ पत्र

बालसमंदकस्बे में आर्मी एरिया बनने की वर्षों से चर्चाएं चली रही हैं। क्षेत्र के विकास की उम्मीद के साथ कस्बे सहित पड़ोसी गांव के लोगों में भी काफी उत्साह है। आर्मी ने करीब डेढ़ वर्ष पूर्व यहां के किसानों से शपथ पत्र मांगे थे। आर्मी की मांग पर कस्बे के करीब चार दर्जन किसानों ने रजामंदी के शपथ पत्र दिए थे।

डेढ़ वर्ष पूर्व आर्मी की मांग पर चार दर्जन के लगभग किसान दे चुके हैं रजामंदी के शपथ पत्र

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