रोडवेज को अपने डीजल से 100 करोड़ का घाटा
रोडवेजमें घाटे को लेकर सरकार और कर्मचारी यूनियनें आमने-सामने हैं। सरकार पिछले तीन साल में 450 करोड़ का घाटा बताकर अनुबंध पर प्राइवेट बसें लेने की तैयारी कर रही है। वहीं, रोडवेज यूनियनों का तर्क है कि घाटा सरकार की नीतियों की वजह से हो रहा है। 100 करोड़ का घाटा तो सिर्फ इसलिए हो गया क्योंकि रोडवेज के पंपों पर खुले बाजार के मुकाबले डीजल 1.42 रुपए प्रति लीटर की दर से महंगा मिल रहा है। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन के 20 फरवरी को पानीपत परिवहन मंत्री के सामने यह मुद्दा उठाएगी। इससे पहले 17 फरवरी को ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने भी सम्मेलन बुलाया है।
तीन साल पहले तक रोडवेज को सप्लाई होने वाले डीजल को डीलर सब्सिडी मिलती थी। हुड्डा सरकार ने रोडवेज को कॉमर्शियल बताकर सब्सिडी खत्म कर दी। इस वजह से रोडवेज के अपने पंप पर खुले बाजार के मुकाबले महंगा डीजल मिल रहा है। यही नहीं सरकार रोडवेज से प्रति लीटर 21.40 पैसे टैक्स भी वसूल रही है। रोडवेज के प्रदेश में 23 डिपो हैं। हर डिपो में औसतन 18 हजार लीटर डीजल की खपत रोजाना होती है। चूंकि एक डीजल टैंक में 12 हजार लीटर डीजल आता है, इसलिए नजदीक आईओसी डिपो से 18 हजार डीजल की खपत पर दो बार डीजल टैंक मंगवाए जाते हैं। तीन साल पहले तक 12 हजार लीटर के प्रति टैंक पर 25,653 रुपए सब्सिडी मिलती थी। इस हिसार से हर डिपो को रोजाना औसतन 39 हजार का घाटा हो रहा है।
सब्सिडी बहाल कराने या टैक्स हटवाने पर विचार होगा : पंवार
^विभागको डीजल पर मिलने वाली सब्सिडी को चालू करवाया जाएगा। अन्यथा टैक्स को लेकर भी बातचीत की जाएगी। विभाग का घाटा कम करने के लिए यह एक अच्छा सुझाव है। इसे लेकर जल्द ही कोई कोई रणनीति बनाकर लागू किया जाएगा। कृष्णपंवार, परिवहन मंत्री
पंजाब में खुले बाजार
से खरीदा जा रहा है
रोडवेजकर्मचारी यूनियन हरियाणा के प्रदेश प्रवक्ता जयवीर सिंह कहते हैं कि अगर रोडवेज बसों में अपने पंप की बजाय खुले बाजार से डीजल डलवाएं तो यह सस्ता पड़ेगा। पंजाब में यही व्यवस्था है। अब चूंकि विभाग को डीजल पर डीलर सब्सिडी नहीं मिल रही, लिहाजा डिपो में पंप चलाना घाटे का सौदा है। रोडवेज के 23 डीजल टैंक हैं और हर टैंक पर एक ड्राइवर हेल्पर काम कर रहे हैं। पंप पर पांच अन्य कर्मचारी भी लगे हैं। पंप बंद करने से मैन पावर भी बचेगी।
सब्सिडी खत्म होने से रोडवेज के पंपों पर 1.42 रुपए प्रति लीटर महंगा है डीजल