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सरकार तुरंत राहत नहीं दे सकती, नए सिरे से आंकड़े जुटाने होंगे : खोवाल

5 वर्ष पहले
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प्रदेश सरकार पर दबाव बनाया तो जनता फतवा जारी करेगी : सांसद सैनी

स्थिति काबू में रखने को पुलिस कर रही व्यूह रचना, ड्राेन से भी नजर

रामायण की जमीन फिर ‘महाभारत’ को तैयार

जाट आरक्षण : सांगवानगुट 12 को करेगा रैली, मलिक गुट 21 से डालेगा पड़ाव

आरक्षण देने के हक में मुख्यमंत्री खट्टर, बनाई कमेटी : समैण

हरियाणा में आरक्षण के बिना केंद्र में नहीं मिलेगा : मलिक

मुख्यमंत्रीमनोहरलाल से मुलाकात के बाद समस्त जाट समाज संगठन ने भले ही 15 फरवरी को हरियाणा बंद का ऐलान वापस ले लिया है, मगर जाट नेता यशपाल मलिक और पूर्व कमांडेंट हवा सिंह सांगवान ने अपने आंदोलन की रणनीति में कोई बदलाव नहीं किया है। दोनों जाट नेता मय्यड़-रामायण की जमीन पर पड़ाव डाल आरपार की लड़ाई का ऐलान किया है।

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष हवा सिंह सांगवान 12 फरवरी को मय्यड़ में राज्यस्तरीय चेतावनी रैली करेंगे। सांगवान का कहना है कि यह रैली में ही तय होगा कि सड़कों और रेलवे ट्रैक को रोकना है या पानी की सप्लाई काटनी है या फिर बिजली के खंभे उखाड़ने हैं। दूसरी तरफ अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति (मलिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक का कहना है कि 21 को मय्यड़ में अनिश्चितकालीन पड़ाव डालेंगे। उसी जगह से दूसरे राज्यों में आंदोलन फैलेगा। इस बीच सर्व जाट खाप के प्रवक्ता सूबे सिंह समैण ने कहा है, मलिक और सांगवान अपना आंदोलन करें, हमें कोई दिक्कत नहीं है।

सांसदसैनी और सांगवान की एक दूसरे को चेतावनी : पूर्वकमांडेंट हवा सिंह सांगवान ने ओबीसी ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भाजपा सांसद राजकुमार सैनी को चेतावनी दी है कि वह 12 फरवरी को अपनी ब्रिगेड लेकर मय्यड़ जाए। हम मुकाबला करने को तैयार हैं। उसी दिन फैसला हो जाएगा कि उनकी कैसी ब्रिगेड है। सांगवान के अंदाज में ही सांसद सैनी ने जवाब दिया है। उनका कहना है कि दिल्ली में ओबीसी रैली में घोषणा हुई थी कि अगली रैली 28 नवंबर 2016 को होगी। उस रैली में सांगवान अपनी सेना लेकर जाए, पता चल जाएगा। ऐसी चेतावनी से ओबीसी समाज डरने वाला नहीं है।

सांसद राजकुमार सैनी ने कहा है कि हरियाणा सरकार ने कमेटी गठित की है तो वह सिर्फ जाटों की नहीं, पिछड़ा वर्ग की भी सुनेगी। वैसे भी अभी कमेटी गठित हुई है, कोई फैसला नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आरक्षण में सेंधमारी की कोशिश को नाकाम करेंगे। अगर सरकार पर अनावश्यक दबाव बनाया तो 35 बिरादरी अपना ऐलान जारी करेगी। जहां तक जाट आंदोलन की बात है तो सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने का अपना काम करेगी। अगर उन्होंने माहौल खराब किया तो बाकी बिरादरी सबक सिखाएगी।

हिसार | पुलिसलाइन में पुलिस के जवान पिछले तीन दिन से उपद्रवी भीड़ से निपटने का अभ्यास कर रहे हैं। उन्हें मिर्ची पाउडर, गुलेल, आंसू गैस, पेपर गैस गन, वाटर कैनन चलाने की ट्रेनिंग मिल रही है। ड्रोन से भी नजर रखने की योजना है।

आरक्षण केस पर सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर चुके एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल का कहना है कि हरियाणा सरकार के पास फिलहाल ऐसी कोई शक्ति नहीं है, जो जाटों को आरक्षण देने पर तुरंत कोई कार्रवाई कर दे। प्रदेश सरकार ने प्रो. खजान सिंह सांगवान की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जाटों समेत पांच जातियों को आरक्षण दिया था, जिसमें उन्हें सामाजिक और शैक्षणिक तौर पर पिछड़ा बताया गया था। उसी आधार पर केंद्र में आरक्षण मिला था। प्रो. सांगवान की सर्वे रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट खारिज करते हुए जाटों को केंद्र की ओबीसी लिस्ट से बाहर कर चुकी है। जब तक राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग और हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग प्रदेश में सर्वे के जरिए नए आंकड़े जुटाकर यह साबित नहीं करती कि हरियाणा में जाट सामाजिक और शैक्षणिक आधार पर पिछड़े हुए हैं, उन्हें आरक्षण देने के रास्ते पर आगे नहीं बढ़ सकती। अगर सरकार ने आनन-फानन में कोई ऐसी रिपोर्ट पेश कर भी दी तो उसे चुनौती दे दी जाएगी। नई सर्वे रिपोर्ट के बिना तो सरकार विधानसभा और मंत्रीमंडल में भी प्रस्ताव पास नहीं करा सकती। फिलहाल राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ( एनसीबीसी) ने सर्वे शुरू करने की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की। वैसे एनसीबीसी एक्ट में प्रावधान है कि हर दस साल में सर्वे कराए जाएगा।

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