रेलवे को हुआ डेढ़ लाख का नुकसान, एक हजार लोगों ने लौटाए टिकट
जाट आरक्षण आंदोलन ने रेलवे के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। ट्रैक बंद होने के साथ ही ट्रेनों के रूट प्रभावित हुए हैं। ऐसे में यात्रियों ने रेलगाड़ियों के विकल्प तलाशना शुरू किया। शुक्रवार को करीब एक हजार यात्रियों ने जनरल कैटेगरी के टिकट लौटाए। शनिवार की बात करें तो रेलवे को करीब डेढ़ लाख रुपये तक की चपत लग गई। हिसार रेलवे स्टेशन से रोजाना करीब 13 हजार यात्री सफर करते हैं। रोजाना औसत करीब 11 लाख रुपये तक की आमदनी टिकट की बिक्री से होती है, जोकि जनरल टिकट होती है। रिजर्वेशन को लेकर खास फर्क नहीं पड़ा है। हालांकि आंदोलन के चलते रूट प्रभावित हैं तो रेलवे के अधिकारियों की भी चिंता बढ़ गई है। यदि रूट ऐसे ही प्रभावित रहे तो रेलवे को औसतन रोजाना करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान का आंकलन अफसरों ने किया है। जो टिकट लौटाए उनका नुकसान अलग से हुआ है।
स्टेशन अधीक्षक निहाल सिंह ने बताया कि शुक्रवार को ही करीब एक हजार यात्रियों ने टिकट लौटाए थे। शनिवार को औसतन डेढ़ लाख रुपये तक का नुकसान हुआ। यह घाटा बढ़ भी सकता है। हमने अभी बठिंडा-रेवाड़ी रूट की सभी 10-12 पैसेंजर गाड़ियों के रूट में परिवर्तन किया है। जो गाड़ियां मय्यड़ रूट से गुजरती हैं, वह भिवानी तक आएंगी।