सीट ना मिलने से नाराज हुए विधायक, बोले- मैं गुलाम हूं, मुझे बैठने के लिए जगह भी नहीं दी गई

4 वर्ष पहले
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भिवानी.  बवानी खेड़ा के विधायक विशंभर वाल्मीकि ने कहा, “मैं गुलाम हूं, मेरे को बैठने के लिए जगह भी नहीं दी गई। ऐसा ही रहा तो मैं इस्तीफा भी दे दूंगा।’ विधायक ने यह टिप्पणी 15 अगस्त के जिला स्तरीय कार्यक्रम में सीट नहीं मिलने से क्षुब्ध हो कर उन्हें मनाने गए अधिकारियों के समक्ष कही। 

हुआ यूं कि स्वतंत्रता दिवस पर भीम स्टेडियम में मुख्य अतिथि कैप्टन अभिमन्यु के साथ पहली पंक्ति में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था निर्धारित की गई थी। इसी बीच पहली पंक्ति में कुछ नेता बैठ गए, जिससे सिटिंग शेड्यूल बिगड़ गया। इसी बीच मुख्य अतिथि कैप्टन अभिमन्यु विधायक घनश्याम सर्राफ और बवानी खेड़ा विधायक विशंभर वाल्मीकि के साथ कार्यक्रम में पहुंच गए। सलामी लेने के बाद जब वे बैठने लगे तो विधायक वाल्मीकि के लिए कोई सीट नहीं बची। जब यह बात सीटीएम के पास पहुंची तो वे भी कुछ नहीं कर पाए। विधायक 15 मिनट तक वहां खड़े रहे, लेकिन किसी ने उन्हें बैठने के लिए जगह नहीं दी। इससे नाखुश होकर विधायक वाल्मीकि मंच से उतर कर बाहर की तरफ चल दिए। जब वे अपनी गाड़ी में बैठ गए तब ऋषि प्रकाश शर्मा व कुछ अधिकारी विधायक को वापस लाने पहुंचे। विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा, “मैं गुलाम हूं। बैठने के लिए मुझे सीट तक नहीं दी गई। ऐसा कब तक चलेगा। यही चलता रहा तो मैं इस्तीफा भी दे दूंगा।’ इसी बीच पशु विकास बोर्ड के चेयरमैन ऋषि प्रकाश शर्मा आए और विधायक को लेकर मंच पर पहुंचे। उधर, डीसी अंशज सिंह ने कहा कि मंच पर बाकायदा संबंधित नामों से स्लिप लगाई गई थी, लेकिन ध्वजारोहण के दौरान पार्टी कार्यकर्ता उनकी सीट पर बैठ गए। ऐसे में प्रशासन को दोषी ठहराना सही नहीं है।
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