हिसार। सतलोक आश्रम प्रकरण को लेकर विचाराधीन हत्या सहित पांच मामलों में अभियुक्त रामपाल सहित 12 लोगों की गुरुवार को अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेशी हुई, जबकि आरोपित बबीता को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया।
हत्या के दो अलग-अलग मामलों और सरकारी कार्य में बाधा डालने, निर्धारित से अधिक सिलेंडर रखने और महिला-बच्चों को आश्रम में बंधक बनाए जाने के मामलों में पेशी हुई। वहीं इस दौरान बालसमंद नहर पटरी पर जुटे रामपाल के हजारों समर्थकों को पुलिस ने कोर्ट परिसर के नजदीक नहीं आने दिया। कई बार उन्हें खदेड़ा गया।
सतलोक आश्रम प्रकरण से जुड़े हत्या के दो मामले अतिरिक्त सेशन जज एसके शर्मा की अदालत में विचाराधीन हैं। ये मुकदमा संख्या 429 और 430 हैं। दोनों मामलों में चार्ज पर बहस चल रही है। मुकदमा संख्या 430 में 13 और 429 में आठ अभियुक्त शामिल हैं। मुकदमा संख्या 429 में सप्लीमेंटरी चालान आना बाकी है। अदालत में आरोपित पक्ष के अधिवक्ता डीसी गोयत की ओर से मुकदमा 430 में री इन्वेस्टीगेशन के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिसे अदालत ने डिसमिस कर दिया। दोनों प्रकरण में बबिता को छोड़कर रामपाल, सविता, पूनम, प्रीतम, राजेंद्र, वीरेंद्र, रमेश, जोगेंद्र, नटवर एवं अन्य की वीसी के जरिये ही पेशी हुई। अदालत ने दोनों मामलों की सुनवाई के लिए 2 मार्च का तिथि तय की है।
तीन केस में निचली कोर्ट में पेशी
सतलोकप्रकरण में तीन मुकदमे निचली अदालत में विचाराधीन हैं। इनमें मुकदमा संख्या 426 में सरकारी कार्य में बाधा डालने और मुकदमा संख्या 427 में महिलाओं एवं बच्चों को बंधक बनाए जाने के मामले की सुनवाई जेएमआईसी मुकेश कुमार की अदालत में विचाराधीन हैं। मुकदमा नंबर 443 में निर्धारित से अधिक सिलेंडर पाए जाने का मामला जेएमआईसी सोहनलाल मलिक की अदालत में चल रहा है, लेकिन उनके छुट्टी पर होने के कारण इस मामले की सुनवाई जेएमआईसी इंदुबाला की अदालत में हुई। दोनों मामलों में रामपाल एवं अन्य आरोपितों की वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिये पेशी हुई। अगली सुनवाई के लिए दोनों अदालतों ने 20 मार्च की तिथि मुकर्रर की है।