हिसार। जीजेयू में हर जगह वाई-फाई नेट का कनेक्टिविटि होगी। इस सुविधा के लिए एक प्रक्रिया के तहत काम किया जाएगा। वाई-फाई कनेक्शन की पहुंच हर जगह होने से स्टूडेंट्स किसी भी कोर्स स्टडी से संबंधित जानकारी ले पाएंगे।
अभी विश्वविद्यालय में जिन जगहों पर ऑप्टिकल फाइबर नहीं बिछाए गए हैं, वहां इन्हें लगाने का काम जारी है। इसके अलावा जिन हॉस्टल में वाई-फाई कनेक्शन नहीं हैं वहां भी काम शुरू कर दिया है। विभागों में भी वायर नेट के बजाय वाई-फाई कनेक्शन के लिए विचार किया जा रहा है। औपचारिकताएं पूरी होते ही इन जगहों पर नेट लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। सभी जगह वाई फाई के लिए स्टूडेंट्स लंबे समय से मांग करते आ रहे थे। नए वीसी ने कनेक्टिविटि को बढ़ाने पर विचार किया है।
वाई-फाई की इंटरनेट कनेक्शन प्रोसेस
नेट चलाने के लिए वायर को इंस्ट्रूमेंट को जोड़ने के बजाय रेडियो वेव तकनीक से वाई-फाई इंटरनेट चलाया जाता है। वाई-फाई को लोकल एरिया वायरलैस नेटवर्किंग सिस्टम भी कहते हैं। इसे चलाने के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल के अंतिम छोर पर एक्सेस प्वांइट डिवाइस लगाई जाती है। यह सीधी दिशा या चारों ओर दो तरीके से तरंगों के माध्यम से काम करती है। एक्सेस प्वाइंट से लैपटॉप, स्मार्ट फोन या कंप्यूटर को जोड़ने के लिए प्रॉक्सी सेंटिंग बनाई जाती है। जीजेयू में 1 जीबीपीएस बैकबोन की स्पीड दी गई है। ज्यादा यूजर होने से स्पीड की बैंडविड्थ कम होती चली जाती है।
इंटरनेट का दुरुपयोग न हो इस पर ध्यान
इंटरनेट चलाने के लिए सभी स्टूडेंट्स की यूजर आईडी बनाई गई है। इसके द्वारा ही स्टूडेंट्स लॉगइन कर पाते हैं। स्टूडेंट्स सोशल का प्रयोग करके समय बर्बाद न करें व आपत्तिजनक डेटा डाउनलोड न करें इसके लिए जीजेयू में ध्यान दिया जा रहा है। नेटवर्किंग सेल इंचार्ज विपिन मक्कड़ ने बताया कि इस तरह की साइट को ब्लॉक किया गया है। वाई-फाई को सभी जगह लागू किया जाएगा तो भी इन पहुलओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल विभागों में वायर कनेक्टिविटि से इंटरनेट का प्रयोग होता है।
ब्वाॅयज हाॅस्टल नंबर 1,2,3 में वाई-फाई नेट पहले से हैं। हॉस्टल-4 में भी कनेक्शन का काम शुरू है। लड़कियों के हॉस्टल-4 में नेट पहले से है, हॉस्टल नंबर 1,2,3 में भी वाई-फाई कनेक्शन लगाया जा रहा है। जीजेयू के मेन गेट के आसपास के क्षेत्र में भी ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का काम किया जा रहा है।
^वाई-फाई का दायरा बढ़ाने का काम जारी है। विभाग व अन्य जगहों पर भी इसे लागू किया जाए, इसके लिए एक विशेष प्रक्रिया बनाई जाएगी। इंटरनेट का सदुपयोग होना जरूरी है। टेक्नीकल एक्सपर्ट से जानकारी लेने के बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। सभी जगह वाई-फार्इ लागू करने में काेई परेशानी नहीं है।'' प्रो. टंकेश्वर कुमार, कुलपति जीजेयू।