हिसार. मैरिज पार्टी में रइसों की तरह कपड़े पहनकर पहुंचे बच्चों ने संगीन वारदात को अंजाम दे दिया। शुक्रवार रात मिड टाउन के निकट ग्रीन एकड़ मैरिज होम में शहर के प्रतिष्ठित परिवार का आयोजन चल रहा था। यहां दो बच्चे भी पहुंच गए। दोनों समारोह में आए अन्य बच्चों के माफिक नए कपड़े पहने हुए थे।
दोनों घूमते रहे और लजीज व्यंजनों का आनंद लेते रहे। मौका मिलते बच्चों ने शगुन में आई धनराशि और ज्वैलरी से भरा पर्स पार कर दिया और ऑटोरिक्शा में सवार होकर अपने गंतव्य को निकल पड़े। बच्चे मैरिज होम से अकेले बाहर निकले तो ग्रीन एकड़ के संचालक अमित गुप्ता की नजर उन पर पड़ी तो वह थोड़े आशंकित हुए कि ये दोनों बच्चे अकेले क्यों घूम रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे बच्चों को देखते रहे। दोनों बच्चे हाथ में पॉलीथिन लेकर एक ऑटोरिक्शा में सवार हो गए। उसके बाद अमित काे कुछ शक हुआ तो उन्होंने गाड़ी से पीछाकर जिंदल चौक पेट्रोल पंप के निकट ऑटोरिक्शा को रुकवा कर बच्चों से पूछताछ की और उन्होंने दो बच्चों को उतार लिया और पर्स के बारे में पूछताछ की, लेकिन बच्चे संतोषजनक जबाव नहीं दे पाए। उन्होंने पर्स खोला तो वे दंग रह गए। पर्स में शगुन के लिफाफे और ज्वेलरी भरी थी।
बच्चों को ग्रीन एकड़ के आॅफिस लाकर की पूछताछ
पकड़े गए दोनों बच्चों को ग्रीन एकड़ मैरिज होम में लाकर पूछताछ की गई तो पता लगा कि पर्स डोली सिंघल का था। उन्हें समारोह में आने वाले शगुन के लिफाफे एकत्रित करने के लिए दिया था। पूछताछ में बच्चों ने स्वयं को एमपी के जिला राजगढ़ के कड़िया गांव का रहने वाले बताया है। मैरिज होम संचालक अमित गुप्ता ने पुलिस को फोन किया। सूचना के बाद पहुंची सिविल थाना पुलिस बच्चों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। बच्चों ने पुलिस को बताया कि वह दोनों भाई बहन है और आज ही अपनी मां के साथ आए थे। उनकी मां कपड़े बेचने का काम करती है।
चोरी के लिए मशहूर है एमपी का कड़िया गांव
एमपी का गांव कड़िया चोरी की वारदातों के लिए मशहूर है। बताया जाता है गांव के लोग बच्चों को चोरी की वारदात की ट्रेनिंग देते हैं। पहले भी इस गांव के बच्चों द्वारा समारोह में वारदातों को अंजाम दिया गया है। मुंबई में आयोजित शादी समारोह में छह लाख की चोरी की वारदात में इस गांव के बच्चों के शामिल होने की घटना का खुलासा किया था। पहले भी शहर के शादी समारोह में पर्स और ज्वेलरी गायब होने के मामले सामने आ चुके हैं।