हिसार. तेईस बरस के लंबे अंतराल के बाद पूर्व मंत्री हरिसिंह सैनी ने शुक्रवार को फिर से इनेलो का दामन थाम लिया। सैनी के साथ उनकी पार्षद पुत्रवधु रेखा सैनी और सात पूर्व पार्षद भी इनेलो में शामिल हुए। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधायक अभय सिंह चौटाला ने सैनी को पार्टी का हरा झंडा थमाते हुए कहा,शादी व चुनाव दो ऐसे मौके होते हैं, जब आदमी रिश्तों की खटास दूर करता है। आज पुराने रिश्तों में खटास समाप्त हो गई है। सैनी ने कहा, घर वापसी से उन्हें सुकून मिला है। यहीं इच्छा समर्थकों की थी।
हिसार के विधायक रह चुके सैनी ने दस दिन पहले कांग्रेस छोड़ी थी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस पर विकास कार्यों में अनदेखी का आरोप लगाया था। कांग्रेस में मान सम्मान न मिलने की बात भी कही थी। साथ ही बरवाला से चुनाव लडऩे का ऐलान किया था, मगर इनेलो में शामिल होने के बाद सैनी ने कहा, चुनाव को लेकर पार्टी जैसा आदेश करेगी, वह कार्य करेंगे।
हरिसिंह सैनी 1987 में लोकदल की टिकट पर हिसार से विधायक चुने गए थे। उन्होंने ओमप्रकाश महाजन को हराया था। इसके बाद सैनी ने इनेलो छोड़ दी। वह हिसार के ऐसे नेता हैं, जिन्होंने प्रदेश के तीनों 'लालों' चौधरी देवीलाल, चौधरी बंसीलाल, चौधरी भजनलाल के अलावा मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ काम करने का अनुभव है।