हिसार. काउंटर मैग्नेट सिटी (सीएमसी) में हवाई अड्डे के विस्तार की उम्मीद बढ़ गई है। शहर के हवाई अड्डे के लिए जल्द ही प्रदेश सरकार सर्वे कराएगी। सर्वे की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी और वहां से भी टीम हिसार पहुंचेगी। राज्य और केंद्र सरकारों के सर्वे की तारीख फिक्स नहीं है, हालांकि इतना तय है कि सरकार की प्राथमिकता में हवाई अड्डा आ गया है। इसलिए सर्वे भी जल्द होने के कयास है। प्रोजेक्ट का अंदाजा इससे भी लगाया लगाया जा सकता है कि हवाई अड्डा क्षेत्र में हो रहे स्काडा जलघर के निर्माण पर फिलहाल रोक लगा रखी है।
शहर का हवाई अड्डा फिलहाल 200 एकड़ भूमि में फैला है। हवाई पट्टी पर मालवाहक और यात्रियों के बड़े जहाज रनवे पर उतर सकें, इसके लिए सर्वे होना है। फिलहाल हवाई पट्टी चार हजार फीट लंबी है। हवाई अड्डे के विस्तार की स्थिति में रनवे की लंबाई बढ़कर 10 हजार फीट हो जाएगी। ऐसे ही हवाई अड्डे के विस्तार के लिए अभी 400 एकड़ भूमि की जरूरत होगी। यदि ऐसा होता है यहां से दिल्ली, मुंबई, बंगलौर आदि महानगरों तक सीधी पहुंच होगी।
सर्वे की संभावना को देख पब्लिक हेल्थ ने फिलहाल 45 एकड़ जमीन में निर्मित हो रहे स्काडा जलघर के निर्माण को रोक लिया है। जोकि 40 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित हो रहा था। हवाई अड्डा के प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता में यह बिंदु है, इसलिए सर्वे होने की स्थिति में सकारात्मक परिणाम आने के कयास हैं।
इन बिंदुओं पर होना है सर्वे
हिसार को व्यापारिक और औद्योगिक नगरी के तौर पर देखा जा रहा है। व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने और औद्योगिक संसाधनों को नई उड़ान दिलाने के लिए हवाई अड्डे का विस्तार स्वाभाविक माना जा रहा है। देश और प्रदेश की राजधानी से हिसार का हवाई क्षेत्र के जरिए सीधी कनेक्टिविटी हो, इसके लिए सर्वे पहली कड़ी होगा।
स्कीम कैंसिल नहीं हुई है
स्काडा जलघर के निर्माण प्रोजेक्ट को फिलहाल रोक दिया गया है। हवाई अड्डा क्षेत्र में सर्वे होना है। सर्वे में यदि हमारी जमीन हवाई अड्डे के दायरे में आएगी तो जलघर का निर्माण थोड़ा हटकर कराएंगे। यदि सर्वे में हमारी जमीन नहीं अाएगी तो निर्माण दोबारा से शुरू करा देंगे। सर्वे होने तक जलघर के निर्माण पर रोक लगा दी है। सर्वे की स्थिति क्लियर होते ही निर्माण पर अगला फैसला होगा, हां स्कीम कैंसिल नहीं हुई है। ''
- आरपी गर्ग, एसई, पब्लिक हेल्थ।
अभी कोई तिथि तय नहीं
हवाई अड्डे के विस्तार को लेकर अर्से से प्रयास चल रहे हैं। अभी हमारा हवाई अड्डा 200 एकड़ भूमि में फैला हुआ है और इसका रनवे चार हजार फीट का है। राज्य और केंद्रीय टीम की सर्वे उम्मीद है, हालांकि अभी कोई ऑफिशियल डेट फिक्स नहीं है।''
- सोहनलाल, चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर, हवाई अड्डा