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अपनी जिंदगी से जुड़ी कहानी सुनाई, फिर निकल लिए मनो

7 वर्ष पहले
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सिरसा। बतौर मुख्यमंत्री पहली बार सिरसा पहुंचे मनोहर लाल खट्टर ने जनता दरबार को 46 मिनट दिए और कार्यकर्ता सम्मेलन को 19 मिनट में ही निपटा दिया। कार्यकर्ता सीएम से व्यक्तिगत संवाद करना चाहते थे, लेकिन खट्टर ने उन्हें अपने जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक कहानी सुना भाषण खत्म कर दिया। इसके बाद सीएम गाड़ी में जा बैठे। सुरक्षा अधिकारियों ने बाहर से गेट बंद कर दिया। भाजपा प्रदेशअध्यक्ष सुभाष बराला समेत सभी नेता और कार्यकर्ता अंदर ही कैद होकर रह गए।
हुड्डा पर जूता फेंकने वाला भी पहुंचा शिकायत लेकर : कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर जूता फेंकने वाला राजाराम भी सीएम खट्टर को शिकायत देने पहुंचा। राजाराम ने जैसे ही गेट पर एंट्री की तो चौपटा क्षेत्र के सुरक्षा कर्मचारी ने उसे रोक लिया। सुरक्षा कर्मचारी ने कहा-‘राजाराम अबकी बार डबवाली वाला इतिहास न दोहरा देना।’ राजाराम ने जवाब दिया-‘भाई हर बार ऐसे काम थोड़े हाेते हैं। हुड्डा मेरी सुनवाई नहीं कर रहा था।’ इसके बाद राजाराम ने पंचायत विभाग द्वारा उनकी सरपंच पत्नी के कार्यकाल में फर्मों की अदायगी न करने की शिकायत दी।
बात 1965 की है...तब
वर्ष 1965 की बात है। तब मैं गांव के स्कूल में कक्षा 5 में पढ़ता था। छठी में दाखिले के लिए दूसरे गांव के स्कूल में जाना पड़ता था। चौथी कक्षा वालों ने हमें विदाई पार्टी दी। स्कूल के हेडमास्टर ने कहा-आपमें से कुछ पंडित जवाहर लाल नेहरू और कुछ लाल बहादुर शास्त्री बन सकते हैं। मुझे हंसी आ गई। भाषण खत्म होने के बाद स्कूल की बाई मुझे बुलाने आई। मैं समझ गया कि आज परेड होगी। मास्टरजी ने पूछा कि हंसे क्यों। मैंने जवाब दिया- आपने बात ही ऐसी कह दी। भला हम कैसे पीएम या सीएम बन सकते हैं। गांव के लड़के खेती करते हैं, ज्यादा से ज्यादा क्लर्क बन जाएंगे। मास्टर जी ने लाल बहादुर शास्त्री के पढ़ने के लिए तैरकर गंगा पार जाने और अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के उदाहरण दिए। उसके बाद संगठन में शामिल हो गया और आज मैं सीएम हूं।
"कार्यकर्ताओं की सरकार'
अपनी जीवन का किस्सा सुनाने के बाद सीएम ने कहा कि सरकार नेताओं की नहीं है, बल्कि कार्यकर्ताओं की है। कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत संवाद करने की इच्छा रहती है। मगर सीएम बनने के बाद मिलना जुलना नहीं हो पाता। पार्टी के माध्यम से मिल पाएंगे। प्रदेश में जाति पाति से उठकर विकास होगा। कहीं भेदभाव नहीं होगा। सीएम ने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में 11 सदस्यीय कमेटी का गठन होगा।
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