हिसार। जीआरपी ने ट्रेन में मुसाफिरों से ठगी और लूट करने वाले बिहार के एक गिरोह को पकड़ा है। रेलवे पुलिस ने गिरोह के 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
जांच अधिकारी शकत्तर सिंह ने बताया कि रेल यात्रियों से लूटपाट करने के मामले में बिहार के सीतामढ़ी निवासी मो. इरफान, रामकिशोर, रमेश कुमार, विमलेश, संदीप और मुजफ्फरपुर के सिकंदर और एक अन्य को गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपित शुक्रवार रात को रेलवे क्वार्टरों के खंडहरों में छिपे बैठे थे। ये ट्रेन में यात्रियों से लूट की योजना बना रहे थे। इसी बीच जीआरपी को आरोपियों की सेंधमारी की सूचना मिली। इस पर जीआरपी टीम ने मौके पर जाकर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपितों के पास से 4 चाकू, एक पिस्तौल, एक रॉड और एक डंडा बरामद किया है।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
जांच अधिकारी ने बताया कि इस गिरोह के सभी सदस्य अलग-अलग तरह से ट्रेन के अंदर व रेलवे स्टेशन पर वारदात को अंजाम देते थे। गिरोह के कुछ लोग यात्रियों से ठगी करने के लिए टीटी के कपड़े पहनकर ट्रेन में घूमते थे। इनकी नजर उन यात्रियों पर होती थी जो कि लंबी दूरी की यात्रा पर जाने वाले होते थे। इसके बाद ये जिस यात्री के बाद रिजर्वेशन की सीट नहीं होती थी। उससे बातचीत करके रिजर्वेशन के नाम पर पैसे ऐंठ लेते थे।
भिवानी और सिरसा में भी की वारदात
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे टोहाना, भिवानी और सिरसा सहित अन्य जगहों पर वारदात को अंजाम देते थे। अधिकतर इनके निशाने पर टोहाना और भिवानी रेलवे लाइन पर चलने वाली ट्रेन के यात्री रहते थे। इसके अलावा आरोपी सिरसा से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में भी यात्रियों को ठगी और लूट का शिकार बनाते थे।
इरफान है मास्टरमाइंड
जीआरपी ने बताया कि गिरोह में गिरफ्तार आरोपितों में से मो. इरफान गिरोह का सरगना है। इरफान के निर्देशों के आधार पर ही गिरोह के सदस्य वारदात को अंजाम देते थे। इरफान ही गिरोह के लोगों को वारदात देने के तरीके के बारे में जानकारी देता था।
खाद्य सामग्री में नशा मिलाकर रखते थे
जीआरपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित खाद्य सामग्री बिस्कुट और ब्रेड आदि में नशीला पदार्थ मिलाकर अपने बैग में रखते थे। इसके बाद ट्रेन में बैठे यात्रियों के साथ घुल मिलकर उन्हें नशीली खाद्य सामग्री को खिला देते थे। बाद में यात्रियों के बेसुध होने पर आरोपी उसका सामान लेकर फरार हो जाते थे।
वारदात के बाद छोड़ देते थे स्टेशन
पुलिस की नजरों से बचने के लिए आरोपित जिस रेलवे स्टेशन पर एक वारदात को अंजाम देते थे। इसके तुरंत बाद उस स्टेशन से फरार हो जाते थे। इसके बाद अन्य स्टेशन पर वारदात की फिराक में खड़े हो जाते थे।
(फोटो- जीआरपी की गिरफ्त में ट्रेन में लूटपाट करने के अभियुक्त।)