हिसार. बिट्टू हत्याकांड मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सूर्य नगर निवासी दिनेश पूनिया और बालसमंद का कृष्ण शामिल है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद हत्या की गुत्थी अभी उलझी हुई है। आरोपियों ने पूछताछ में इतना जरूर बताया कि बिट्टू की हत्या आपसी लेने में हुई, मगर हत्या करने या करवाने वाला अभी तक पर्दे में है। पुलिस केस का खुलासा करने में जुटी हुई है।
पुलिस ने सोमवार को दोनों आरोपियों को न्यायिक दंडाधिकारी रामअवतार पारीक की अदालत में पेश किया। यहां से अदालत ने उन्हें सात दिन के रिमांड पर भेज दिया। पुलिस को आरोपियों के दिल्ली, नजफगढ़, गुडग़ांव व कुछ अन्य ठिकानों पर छिपे उनके साथियों और हत्या में प्रत्युक्त हथियार के बारे में जानना है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। थाना शहर प्रभारी इंस्पेक्टर जोगेंद्र ने बताया कि आरोपियों को सात दिन के रिमांड पर लिया गया है। सरकारी वकील राजेश चौधरी ने बताया कि आरोपियों को 3 फरवरी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
हत्या के बाद बालसमंद में ठहरे थे हत्यारे
बिट्टू की हत्या के बाद हत्यारे बालसमंद गए थे। यहां वे सभी एक मकान में ठहरे। यह मकान बालसमंद निवासी कृष्ण का बताया गया है। वह भी उनके साथ था। अपराधियों को शरण देने के मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। बिट्टू की हत्या की साजिश जेल में बनाई गई। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में यह खुलासा किया। जेल में तय हुई साजिश के तहत पांच लोग वारदात को अंजाम देने पहुंचे। इनमें वे भी शामिल थे। हत्यारों ने हत्याकांड को अंजाम देने के लिए पिस्तौल यूपी के कैराना से खरीदा गया। मोबाइल फोन सिरसा के खेड़ी में छिपाया गया है।
हत्या के मामले में पैरोल पर आया था कृष्ण
बालसमंद निवासी कृष्ण हत्या के मामले में जेल में बंद था। यह 15 दिन पहले की पैरोल पर बाहर आया है। इस पर अपने ताऊ के बेटे रामनिवास की हत्या का आरोप है। बताया गया है कि वर्ष 2008 में जमीन के विवाद में यह हत्या की गई। हत्या डंडों से पीट पीट कर की गई। इस मामले में उसे उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। जेल से बाहर आने के बाद उसने गांव की पंचायती जमीन पर भी कब्जे का प्रयास किया।
यह है मामला
पुष्पा कॉम्प्लेक्स में 24 जनवरी शुक्रवार दोपहर को छह सात हथियारबंद लोगों ने मॉडल टाउन निवासी संजय शर्मा उर्फ बिट्टू की हत्या की थी। हत्यारों ने अंधाधुंध कई फायर किए। इस दौरान चार गोलियां बिट्टू के शरीर में जा घुसी। जिससे उसकी मौत हो गई। दफ्तर के बाहर फोन सुनने के लिए निकले बिट्टू के पार्टनर सितेंद्र ने बदमाशों को अपनी तरफ आते देखा तो वह भाग निकला। किसी तरह छत से छलांग लगाकर उसने अपनी जान बचाई। हालांकि परिजनों और पुलिस को उसकी कहानी हजम नहीं हो रही है। पुलिस ने दो नामजद लोगों समेत चार पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।