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नलों में आया गंदा पानी, विभाग ने 8 दिन बाद भरे सैंपल

7 वर्ष पहले
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हिसार. कर्मचारियों की 21 जनवरी को शुरु हुई तीन दिवसीय प्रदेश स्तरीय हड़ताल के दौरान बिगड़ी पेयजल व्यवस्था गुरुवार तक पटरी पर नहीं लौटी। पटेल नगर और गांधी नगर इलाके में हालात बेकाबू नजर आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की सर्वे की मानें तो पिछले दिनों में यहां 150 के करीब लोग दूषित पानी पीकर डायरिया के शिकार हो चुके हैं। हालांकि अब ज्यादातर लोग ठीक हो चुके हैं, मगर स्थिति अब भी बदतर बनी हुई है। गुरुवार को भी इलाके में दूषित पेयजल ही सप्लाई हुआ। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित इलाके का दौरा कर पानी के सैंपल लिए। इन्हें जांच के लिए रोहतक और सिरसा लैब भेजा जाएगा। फिलहाल राहत के तौर पर लोगों को ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन की गोलियां और दवा वितरित कर दी गई है।
किस्सा 1
पटेल नगर निवासी सुनीता ने बताया कि पिछले कई दिनों से नल में दूषित पानी आ रहा है। दूषित पानी पीकर मेरे तो दोनों बच्चे बीमार हो गए। दीक्षा को उल्टी दस्त लगे हैं। अनमोल के खून में इंफेक्शन हो गया। सात आठ दिन से दोनों बीमार हैं।
किस्सा 2
पटेल नगर की 65 वर्षीय शीलवंती को चार दिनों से उल्टी दस्त लगे हैं। वह इलाके के ही एक अस्पताल से दवा ले रही है। पीने का पानी सीवर के पानी के साथ मिल कर आ रहा है। इसे पीकर कई लोग डायरिया के शिकार हो गए है। किस्सा 3
पटेल नगर की ही 75 वर्षीय खेडी बाई के शरीर पर छोटे छोटे दाने हो गए हैं। इस पानी से नहाने के बाद शरीर में खारिश चलने लगी। बाद में दाने निकल आए। पास के ही एक डॉक्टर से दवा ले रही हूं।
हड़ताल ने बिगाड़े हालात
कर्मचारियों की हड़ताल ने पटेल नगर इलाके की हालत बिगाड़ कर रख दी। यहां की पेयजल सप्लाई व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई है। इस कारण लोगों में प्रशासन के प्रति रोष है।
बीमारी को दे रहे न्योता
स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को पानी के सैंपल ले लिए हैं, मगर इसका फायदा अभी नहीं मिलेगा। इसके लिए एक महीने इंतजार करना होगा। लैब से रिपोर्ट एक महीने बाद आएगी। इसके बाद ही विभाग कोई कार्रवाई कर पाएगा। या यूं कहें कि इसी तरह दूषित जल पीकर बीमारी को न्यौता देते रहेंगे। क्योंकि अब तक प्रशासन का ध्यान फाल्ट दूर करने की ओर नहीं गया है।